कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 29 सितंबर से मेरठ में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना चुनावी अभियान शुरू करने वाली हैं, ऐसे में पार्टी का एक बड़ा वर्ग रैली के समय पर आपत्ति जता रहा है।
कांग्रेस के एक वयोवृद्ध नेता ने कहा, “यह ‘पितृ पक्ष’ अवधि है, जिसे सभी हिंदुओं द्वारा अशुभ माना जाता है, और इस समय चुनाव अभियान शुरू करना निश्चित रूप से एक अच्छा विचार नहीं है।”
पितृ पक्ष की अवधि 20 सितंबर से शुरू हुई और 6 अक्टूबर को समाप्त होगी। अधिकांश राजनीतिक दल पितृ पक्ष अवधि के दौरान नए अभियान शुरू करने से बच रहे हैं, हालांकि वे पहले के कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रियंका की लिए निर्धारित रैलियां मेरठ (29 सितंबर) से शुरू होंगी, फिर वाराणसी (2 अक्टूबर), आगरा (7 अक्टूबर), गोरखपुर (12 अक्टूबर), आजमगढ़ (17 अक्टूबर) और प्रयागराज (18 अक्टूबर) तक होंगी।
कांग्रेस के एक ब्राहम्ण नेता ने कहा, “सभी हिंदुओं का ढृढ़ विश्वास है कि इस अवधि के दौरान कोई नई पहल शुरू नहीं की जानी चाहिए। वास्तव में, लोग इस पखवाड़े में नए कपड़े भी नहीं खरीदते हैं। मुझे नहीं पता कि कौन प्रियंका को सलाह दे रहा है या उनके कार्यक्रम को अंतिम रूप दे रहा है, लेकिन बेहतर होगा कि पितृ पक्ष के बाद रैलियां शुरू हों। कुछ दिनों से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।”
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी ने 403 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में 39.67 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। समाजवादी पार्टी (सपा) को 47 सीटें, बसपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस केवल सात सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी।


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