उमर अंसारी को मिली जमानत, जानिए किस मामले में हुई थी गिरफ्तारी?

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Umar Ansari Bail: दिवंगत माफिया नेता मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में उन्हें जमानत दे दी। उन्हें 3 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। Allahabad High Court: कोर्ट ने क्या कहा? यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि उमर अंसारी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत ज़ब्त की गई एक संपत्ति को वापस पाने के लिए जाली दस्तावेज़ बनाए। पुलिस का दावा है कि उसने अपनी माँ अफ़शां अंसारी के जाली हस्ताक्षरों का…

Umar Ansari Bail: दिवंगत माफिया नेता मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में उन्हें जमानत दे दी। उन्हें 3 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।

Allahabad High Court: कोर्ट ने क्या कहा?

Allahabad High Court
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यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि उमर अंसारी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत ज़ब्त की गई एक संपत्ति को वापस पाने के लिए जाली दस्तावेज़ बनाए। पुलिस का दावा है कि उसने अपनी माँ अफ़शां अंसारी के जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके फ़र्ज़ी दस्तावेज़ तैयार करके ज़ब्त की गई ज़मीन को छुड़ाने की कोशिश की। न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी की पीठ ने उमर के वकील और सरकारी वकील, दोनों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद ज़मानत का आदेश पारित किया। इससे पहले, 21 अगस्त को गाज़ीपुर स्थित अतिरिक्त ज़िला न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने उसकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उमर अंसारी ने हाईकोर्ट का रुख़ किया था।

Mukhtar Ansari Son: इस मामले में हुई थी कार्रवाई?

Mukhtar Ansari Son
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पुलिस के अनुसार, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में थाना प्रभारी द्वारा उमर अंसारी पर अपनी माँ के नाम से जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके विवादित ज़मीन को छुड़वाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। यह संपत्ति सदर कोतवाली क्षेत्र के वल्लभ देवधी दास मोहल्ले में स्थित है और ज़िला मजिस्ट्रेट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत इसे कुर्क कर लिया है। उमर अंसारी को 3 अगस्त को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था और बाद में 23 अगस्त को गाजीपुर जेल से कासगंज की पचलाना जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

Umar Ansari Bail: पुलिस की पकड़ से बाहर है अफ़शां अंसारी

Mukhtar Ansari Son
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जांच के दौरान, अधिकारियों को पता चला कि दस्तावेज़ों पर किए गए हस्ताक्षर अफ़शां अंसारी की मूल लिखावट से मेल नहीं खाते थे, जो दर्शाता है कि यह जालसाज़ी थी। कथित तौर पर जाली हस्ताक्षरों के साथ एक पावर ऑफ अटॉर्नी भी दाखिल की गई थी। इस बीच, अफ़शां अंसारी इस मामले में फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मददगार जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उच्च न्यायालय के आदेश से अब उमर अंसारी की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि मामले की कार्यवाही जारी रहेगी।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।