उत्तर प्रदेश में चल रहे कोरोना टीकाकरण में एक अजीब मामला सामने आया है। दरअसल राज्य के राजघाट शहरी पीएचसी के इसाईटोला कॉलोनी में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अप्रैल माह में कोरोना को टीके की पहली खुराक दी गई थी जिसके एक सप्ताह बाद उनकी मौत हो गई थी, लेकिन अब उनके बेटे के मोबाइल पर नौ दिसंबर को मैसेज आया है कि, उन्हें वैक्सीन की दूसरी खुराक मिल गई है, जिसके माध्यम से उनकी मां को कोरोना टीकाकरण के लिए पंजीकृत किया गया था। सोमवार को यह मामला सामने आने के बाद जिला टीकाकरण अधिकारी (डीआईओ) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग कर रही है जांच

इस लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग के डीआईओ रविशंकर ने कहा कि, उन्होंने पीएचसी प्रमुख डॉ तृप्ति पाराशर और एएनएम ज्ञान देवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जो उस समय ड्यूटी पर थी। उन्होंने कहा, यह एक गंभीर मुद्दा है और हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह लिपिकीय गलती थी या जानबूझकर की गई थी। इसका जवाब मिलने के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे।


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