उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का दंगल अभी जारी है। क्षेत्रीय दल समेत सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने सियासी दांव-पेंच आजमा रही है। तो दूसरी तरफ, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आड़े हाथ लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा किसान विरोधी है।
योगी जी को बताना चाहिए, वो आशीष मिश्रा टेनी के बेल होने से इतने प्रसन्न क्यों हुए?उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका क्यों प्रस्तुत नहीं करी?बात साफ़ है: भाजपा सरकार = किसान विरोधी!!— Jayant Singh (@jayantrld) February 22, 2022
भाजपा सरकार किसान विरोधी है
उन्होंने यह भी सवाल किया कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे और लखीमीपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को जमानत देने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय क्यों नहीं गई? चौधरी की यह टिप्पणी लखीमपुर हिंसा के पीड़ितों द्वारा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले उच्चतम न्यायालय का रुख करने के बाद आई है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘योगी जी को बताना चाहिए, वो आशीष मिश्रा टेनी को जमानत मिलने से इतने प्रसन्न क्यों हुए? उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका क्यों प्रस्तुत नहीं की ? बात साफ़ है: भाजपा सरकार किसान विरोधी है!’’
चार महीने की कैद के बाद हुई रिहाई
गौरतलब है कि 10 फरवरी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने मिश्रा को चार महीने कैद में रहने के बाद जमानत दे दी थी। पिछले साल तीन अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके दौरे के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी जिसमें चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हुई थी।


Download Android App
Download iOS App



