उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पालतू पिटबुल कुत्ते ने 80 वर्षीय महिला की जान ले ली। मृतक महिला कुत्ते की मालिक और रिटायर्ड टीचर थी। कुत्ते के हमले में महिला के पेट और पैरों तक कई गहरे घाव आए थे। घटना के समय महिला घर में अकेली थी और बाद में उसका बेटा जब घर पहुंचा तो मां को खून से लथपथ पाया। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक मृतका अपने 25 वर्षीय बेटे जिम ट्रेनर के साथ रहती थी। उनके पास दो पालतू कुत्ते हैं – एक पिटबुल और एक लैब्राडॉग। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कुत्ते के भौंकने और सावित्री के चिल्लाने की आवाज सुनी। उन्होंने कहा, “जब हमने महिला को मदद के लिए चिल्लाते हुए सुना, तो हम उनके दरवाजे पर पहुंचे, लेकिन वह अंदर से बंद था और चाची खून से लथपथ पड़ी थीं। हमने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह बंद था। हमने तुरंत उसके बेटे को सूचित किया।”

जब युवक वापस आया तो उसने पड़ोसियों की मदद से अपनी मां को बलरामपुर अस्पताल ले गया, जहां से उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर के वरिष्ठ डॉक्टरों ने बताया कि महिला के गले से लेकर पेट और पैरों तक कई गहरे घाव थे। मृतक के शरीर में कुत्ते के दांत धंस गए थे और पेट का मांस फट गया था।
वरिष्ठ डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन अत्यधिक खून की कमी के कारण महिला को नहीं बचा सके। देर शाम शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। घटना से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि दोनों कुत्ते पिछले तीन साल से परिवार के साथ हैं, लेकिन उन्हें कभी इस तरह से नहीं देखा। अभी यह पता नहीं चला है कि पालतू कुत्ते जानलेवा कैसे बन गए।


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