योगी कैबिनेट ने अदाणी पावर से बिजली खरीद समेत 11 प्रस्तावों को दी मंजूरी

Summary :

वैश्विक क्षमता केंद्र नीति को मंजूरी, निवेशकों को जमीन पर छूट

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें अदाणी पावर से बिजली खरीद शामिल है। इसके अलावा, राज्य ट्रांसफर पॉलिसी 2025 और परिवहन विभाग की नई नीति को भी स्वीकृति मिली। पार्किंग नियमावली और वैश्विक क्षमता केंद्र नीति पर भी मुहर लगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें प्रदेश के विकास से जुड़े 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इनमें अदाणी पावर लिमिटेड से बिजली खरीद समझौते को मंजूरी भी शामिल है। कैबिनेट ने 5.383 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद को मंजूरी दी। वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए निवेशकों को जमीन खरीद पर 50 फीसदी तक छूट मिलेगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश ट्रांसफर पॉलिसी 2025 को भी मंजूरी दी गई। यह 15 मई से 15 जून तक के लिए है। मंत्री ने बताया कि राज्य कर्मचारियों के ट्रांसफर शुरू हो जाएंगे। 15 जून तक ट्रांसफर किए जाएंगे। यानी, ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ऐसे कर्मचारी जो जिले में तीन साल, मंडल में सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उन्हें ट्रांसफर की कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। समूह ‘क’ और ‘ख’ के 20 फीसदी अधिकारियों का तबादला हो सकता है। समूह ‘ग’ और ‘घ’ के 10 प्रतिशत कर्मचारियों के ट्रांसफर विभाग अध्यक्ष करेंगे। इससे ज्यादा संख्या में ट्रांसफर के लिए विभाग के मुखिया की अनुमति अनिवार्य होगी।

परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति 2025 से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। दो एकड़ जमीन में इसका निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनेगी जो इसकी निगरानी करेगी। बस स्टैंड के लिए डीएम की अध्यक्षता में नौ सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और नगर निगम या पालिका, पंचायत के अधिशासी अधिकारी समेत कुल नौ लोग शामिल हैं, जो इस विषय को देखेंगे। इसके लिए न्यूनतम दो एकड़ जमीन अनिवार्य होगी जो शहर से पांच किमी से ज्यादा दूर नहीं होनी चाहिए।

वहीं उत्तर प्रदेश नगर निगम पार्किंग नियमावली को भी मंजूरी मिली। पीपीपी मॉडल पर पार्किंग, मल्टीलेवल पार्किंग के साथ निजी भूमि पर भी पार्किंग बन सकेगी। पहले चरण में 17 नगर निगमों में यह सुविधा होगी। पांच साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पार्किंग स्थल पर ही ई-चार्जिंग के साथ गाड़ी सफाई की भी व्यवस्था होगी। किराया नगर निगम ही तय करेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 को भी मंजूरी मिली है।

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News Desk

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