कुछ ऐसे लोग जिनकी स्किन पर बड़े होते-होते भी कुछ ऐसे निशान जो कभी खत्म नहीं होते हैं बल्कि जन्म के ये निशान और ज्यादा बढ़ जाते हैं। क्योंकि शरीर में ये निशान जन्म के समय के होते हैं और ऐसे निशान बर्थमार्क कहलाते हैं। कुछ लोगों के शरीर में ये बर्थमार्क लंबे समय तक रहते हैं। वहीं आज भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो बर्थमार्क के शरीर में होने के पीछे के रहस्य से आनजान हैं और इन्हें हटाने की कोशिश में लगे रहते हैं। तो चालिए आज हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर किस वजह से शरीर में बर्थमार्क होते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार बर्थमार्क दो तरह के होते हैं। वस्कुलर और पिगमेंटेड। डॉक्टर्स के मुताबिक पिगमेंटेड बर्थमाक्र्स स्किन के किसी एक एरिया में मेलनिन की अधिक मात्रा की वजह से होते हैं। इन्हें मोल्स मंगोलियन स्पॉट्स कहा जाता है और ये अडोलेसेन्स में गायब हो जाते हैं। वैसे इनसे आमतौर पर कोई खतरा नहीं होता है। लेकिन फिर भी डॉक्टर क पास एक बार जाकर जरूर दिखा लेना चाहिए।

वहीं वस्कुलर बर्थमार्क का सबसे अहम बात यह है कि ये स्ट्रोक बाइट स्पाइडर वेन्स की तरह होता है और कई सारे बच्चे ऐसे जो इनके साथ ही पैदा होते हैं। 18 महीने पूरे हो जाने के बाद ये बर्थमार्क हट जाता है।

वैसे बर्थमाक्र्स को लेकर कई लोगों की ऐसी सोच बनी हुई है कि यदि किसी गर्भवती महिला को गर्भावस्था में कोई स्ट्रॉन्ग इमोशन महसूस हो और बॉडी के किसी खास हिस्से को छुए तो उसके बच्चे को शरीर की उसी जगह पर बर्थमार्क हो जाता है। वहीं ज़्यादातर बर्थमार्क्स से शरीर को कोई हानि नहीं होती और ज़्यादातर बर्थमार्क्स के लिए ट्रीटमेंट की भी ज़रूरत नहीं होती।

1.Cafe au lait macules
ये वाले निशान हल्के भूरे या मिल्क-कॉफी कलर के होते हैं। ये छोटे-छोटे होते हैं। कैफे ऐयू लेत मसुलेस ये जन्म के समय के निशान होते हैं और बढ़ती उम्र के साथ हल्के पडऩे लगते हैं। इसके लिए ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती है। इन निशानों केवल लेजर ट्रीटमेंट के द्घारा हल्का किया जा सकता है।

2.Congenital Mole
कंजेनिटल मोल पिगमेंट सेल्स का हार्मलेस ग्रोथ है। ऐसे निशान या तो जन्म से ही होता है या फिर जन्म के कुछ महीनों बाद होता है। ये शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है इनका साइज बड़ा या छोटा कोई भी हो सकता है। अगर ये निशान छोटे होते हैं तो इसका कोई रिस्क फैक्टर नहीं है,लेकिन अगर ये 5 सेंटीमीटर से बड़ा होता है तो ये मेलनोमास में बदल सकते हैं।

3.Mongolian Spot
मंगोलियन निशान ब्लू-ब्राउन कलर के होते हैं जो किसी चोट के निशान की तरह दिखते हैं। ये ज्यादातर जन्म से ही बम, शरीर के साइड या कंधों पर होते हैं। ये एशिया के बच्चों को ज़्यादा होता है। वक़्त के साथ ये फ़ेड होने लगता है।

4.Strawberry Naevus
ये ओवल शेप का वस्कुलर बर्थ मार्क होता है और ये बॉडी के किसी भी पार्ट पर हो सकता है। ये जन्म के कई हफ़्तों बाद शरीर पर नज़र आता है। वहीं ये 3 से 6 महीने के बीच ये तेज़ी से ग्रो करता है। इनका ट्रीटमेंट जितना जल्दी किया जाये उतना बेहतर है।



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