शीतला अष्टमी की पूजा के बाद ना करें ये काम

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इस दिन सुबह उठकर स्नान करना चाहिए। मां शीतला माता मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए।

सूर्य के करीब आने से पृथ्वी पर गर्मी बढ़नी शुरू होती है. शुक्रवार से गर्मी बढ़ेगी और इंसान के शरीर का तापमान भी बढ़ेगा इसलिए शरीर को शीतल रखने के लिए और तरह तरह की बीमारियों से रक्षा के लिए शीतला अष्टमी मनाई जाती है।
आइए जानते हैं इस दिन कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए…. 
शीतला मंदिर जाकर शीतला माता की पूजा करेंगे इसलिए उस दिन चूल्हा नहीं जलाने का रिवाज़ है और शीतला अष्टमी को वही बासी भोजन भोग लगाकर खाते हैं।ऐसी मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन घर में अग्नि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।इसीलिए जो कुछ भी पकाना हो, एक दिन पहले ही पका लेना चाहिए। 
माता शीतला को भोग लगाने वाले भोजन में तीखा, नमक और खटाई बिल्कुल भी नहीं बनाएं। इन चीजों से बने हुए भोजन का भोग मां शीतला को लगाना वर्जित माना गया है। इस बात का विशेष ध्यान रखें।इस दिन लोग बासी खाना ही खाते हैं।
रोगों के संक्रमण से आम व्यक्ति को बचाने के लिए शीतला अष्टमी मनाई जाती है।इस दिन आखिरी बार आप बासी भोजन खा सकते हैं, इसके बाद से बासी भोजन का प्रयोग बंद कर देना चाहिए।
इस दिन ऊनी वस्त्रों को न तो पहना जाता है और नहीं उसे बिछाया जाता है।ऐसा करना भी शीतला अष्टमी के दिन मना है, इसे वर्जित माना जाता है।
इस दिन सूईं में धागा डालना भी वर्जित माना गया है। इसलिए भूलकर भी शीतला अष्टमी के दिन सूईं में धागा बिल्कुल भी न डालें।
इस दिन भूलकर भी शराब और मांसाहार का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. यदि आप ऐसा करते हैं तो आपकी संतान को कोई गंभीर रोग हो सकता है।
शीतला अष्टमी के दिन भूलकर भी किसी जानवर को न तो तंग करें और न हीं उसे मारें विशेषकर गधे को क्योंकि गधे को माता शीतला का वाहन माना जाता है। आपके ऐसा करने से आपको कोई कुष्ठ रोग हो सकता है।

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