फूलों का उपयोग पूजा-पाठ में किया जाता है। भगवान को पुष्प हम नित्य भी चढ़ाते हैं। हिंदू धर्म में मनवांछित फल की प्राप्ति भगवान को पुष्प अर्पित करने से होती है। कुछ बातों का ध्यान भगवान को फूल चढ़ाते समय रखना होता है। चलिए आपको बताते हैं कि किस तरह के फूल भगवान को चढ़ाने चाहिए और नहीं।

न करें सूखे व बासी फूलों का इस्तेमाल

नए ताजे फूलों का इस्तेमाल भगवान की पूजा में करना चाहिए। भगवान की पूजा में सूखे फूलों का इस्तेमाल नहीं करें। पूजा में निषेध पुराने बासी फूल भी माने गए हैं। हालांकि ऐसे कई फूल हैं जो बासी कई दिनों तक नहीं होते। उन फूलों का भगवान की पूजा में आप इस्तेमाल कर सकते हैं। चलिए आपको उन फूलों के बारे में बताते हैं जो बासी कई दिनों तक नहीं होते।
कमल का फूल

आप 10 से 15 दिन तक भगवान की पूजा में 10 से 15 दिन तक पूजा में बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। कहते है कि 10 से 15 दिन तक बासी कमल का फूल नहीं होता है।
तुलसी के पत्ते

तुलसी का पत्ता भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। 11 दिनों तक बासी तुलसी के पत्ते तोड़ने के बाद नहीं होता है। हिंदू धर्म के मुताबिक तोड़े हुए तुलसी के पत्तों का 11 दिनों तक इस्तेमाल आप पूजा में कर सकते हैं। 11 दिन तक तुलसी के पत्ते बासी नहीं होता है। तुलसी का पत्ता विष्णु भगवान की पूजा में जरूर करें इस्तेमाल। तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल विष्णु भगवान की पूजा के भोग में किया जाता है।
बिल्व पत्र

बिल्व पत्र का विशेष महत्व भगवान शिव की पूजा में होता है। बिल्व पत्र बहुत प्रिय भोलेनाथ को है। बता दें कि 6 महीने तक बिल्व पत्र बासी नहीं होता। हिन्दू धर्म के मुताबिक आप 6 महीने तक पूजा में तोड़े हुए बिल्व पत्र का उपयोग कर सकते हैं।


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