वास्तु दोष को दूर करने के लिए बहुत मददगार फेंगशुई के उत्पाद होते हैं। जीवन में नकारात्मक शक्तियों को फेंगशुई के उत्पाद दूर करते हैं साथ ही सकारात्मक ऊर्जा को भी पैदा करते हैं। लाफिंग बुद्धा, तीन टांगों वाला मेढ़क और चीनी सिक्के यह फेंगशुई के उत्पादों में आते हैं और इनका महत्व बहुत है। इसी तरह से कछुए की अंगूठी का महत्व भी बहुत माना गया है।

जिस तरह से दुर्भाग्य दूर करने के लिए रत्नों और धातुओं की अंगूठी पहनी जाती है उसी तरह से कछुए की अंगूठी भी पहनी जाती है। सुख-समृद्धि और गुडलक के प्रतीक फेंगशुई में कछुए को माना गया है। चलिए कुछए की अंगूठी के कई चमत्कारी फायदों से आज आपको अवगत कराते हैं।

1. वास्तुशास्त्र कछुए की अंगूठी से दूर होता है साथ ही नकारात्मक ऊर्जा घर से जाती है और सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है।

2. कछुए को लक्ष्मी का प्रतीक भारतीय ज्योतिष में कहा गया है। धन और सुख-समृद्धि घर पर इसे पहनने से आती है।

3. शान्ति और धैर्य का प्रतीक कछुए को माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि धैर्य और शांति व्यक्ति के अंदर कछुए की अंगूठी पहनने से आती है।

4. चांदी की धातु में ही कछुए की अंगूठी को बनाते हैं इससे व्यक्ति के जीवन में शुभता आती है।

5. व्यक्ति को दाएं हाथ में कछुए की अंगूठी को पहनना चाहिए। इसका लाभ दाएं हाथ में पहनने से ही प्राप्त होता है।

6. व्यक्ति को तर्जनी और बीच की उंगली में ही कछुए की अंगूठी को पहनना चाहिए।

7. इस बात का जरूर ध्यान रखें कछुए की अंगूठी पहनते समय कि कछुए का सिर बाहर होना चाहिए।


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