Jabalpur Woman BJP Leader Viral Video: भारतीय जनता पार्टी ने अपने एक महिला नेता पर एक्शन लिया है। दरअसल पार्टी ने यह कदम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो को गंभीरता से लेते हुए उठाया। पार्टी ने जबलपुर नगर की उपाध्यक्ष अंजू भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एक दृष्टिबाधित महिला के साथ हुए विवाद के बाद की गई है, जिसमें कथित तौर पर अशोभनीय भाषा और अनुचित व्यवहार का आरोप लगा है।
Jabalpur Woman BJP Leader Viral Video: नोटिस में क्या कहा गया
भाजपा संगठन की ओर से जारी नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि पार्टी एक अनुशासित संगठन है। पार्टी के पदाधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे समाज में संवेदनशील, मर्यादित और जिम्मेदार व्यवहार करें। नोटिस में विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया गया है कि महिलाओं और दिव्यांगजनों के प्रति किसी भी तरह का असंवेदनशील व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने इस मामले को अपनी गरिमा और मर्यादा के खिलाफ माना है।

Anju Bhargava Viral Video: क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 20 दिसंबर की बताई जा रही है। जबलपुर के गोरखपुर इलाके में स्थित एक चर्च परिसर में कुछ हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। ये संगठन कथित जबरन मतांतरण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि चर्च में दिव्यांग बच्चों को लाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
इसी दौरान चर्च परिसर में मौजूद एक दृष्टिहीन महिला और भाजपा नेत्री अंजू भार्गव के बीच तीखी बहस हो गई। बहस का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया और पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी।

BJP Jabalpur Controversy: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
पिछले दो-तीन दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में भाजपा नगर उपाध्यक्ष अंजू भार्गव एक दिव्यांग महिला से बहस करती नजर आ रही हैं। वीडियो में महिला के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा के प्रयोग और धक्का-मुक्की के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और कई जगहों पर इसका विरोध भी हो रहा है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं।
सात दिन में जवाब देने के निर्देश
नोटिस के जरिए अंजू भार्गव को निर्देश दिए गए हैं कि वे नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर पूरे मामले पर अपना लिखित जवाब दें। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन की छवि और मूल्यों को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी समझा गया है। इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पदाधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं।

संगठन की छवि पर असर
भाजपा का कहना है कि पार्टी की छवि और मूल सिद्धांतों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है। इसी कारण इस मामले को हल्के में न लेते हुए तुरंत नोटिस जारी किया गया है। अब सभी की नजरें अंजू भार्गव के जवाब और पार्टी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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