कोरोना से जूझ रहे मरीज की आपबीती,बताया कैसे ये जानलेवा वायरस शरीर के अंदर करता है हमला

Summary :

इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के चुंगल में बुरी तरह से फस चुकी है। वहीं इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना वायरस होने की वजह से अपनी जान गंवा बैठे हैं।

इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के चुंगल में बुरी तरह से फस चुकी है। वहीं इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना वायरस होने की वजह से अपनी जान गंवा बैठे हैं। हाल ही में एक ऐसे ही मिलते-जुलते मामले का खुलासा हुआ है जहां पर स्पेन के डॉक्टर ने कोरोना वायरस COVID-19 से संक्रमित होने के बाद अपनी आप बीती बताई। दरअसल ये रोजाना अपनी बॉडी में कोरोना वायरस के लक्षणों पर ट्विटर पर अपडेट कर लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि येल तुंग चेन स्पेन के मैड्रिड में अस्पताल यूनिवर्सिटारियों ला पाज में आपातकालीन चिकित्सक के तौर पर तैनात थे। जहां पर कोरोना वायरस से जूझ रहे मरीजों का इलाज करते हुए वो खुद भी इस वायरस की चपेट में आ गए।
अब 35 साल के येल तुंग चेन डॉक्टर अपने घर में आइसोलेशन एकांत में रह रहे हैं। इस बीच वो अपने फेफड़ों और बॉडी में होने वाले परिवर्तन और दर्द की डायरी को भी टाइम टू टाइम लाइव ट्वीट करके बयां कर रहे हैं। 

इतना ही नहीं वो इसी तरह से दुनिया भर में कोरोना वायरस से जूझ रहे मरीजों और जिनको इस वायरस का सामना करना पड़ सकता है उसके बारे में जागरुकता भी फैला रहे हैं। दूसरी और वो अपने फॉलोअर्स को जल्दी ठीक होने की शुभकामनाएं दे रहे हैं। 
हाल ही में उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि कोरोना वायरस के संक्रमित होने के 4 दिन बाद काफी बुरी तरह से खांसी और थकान महसूस हो रही है। हालांकि अभी कोई सीने में दर्द नहीं है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा है कि पूरी दुनिया भर से मुझे शुभकामनाएं मिल रही है और ये सभी चीजें मेरे लिए बहुत मायने भी रखती है। 
उन्होंने लिखा कि पहले दिन उन्हें गले में थोड़ी खराश और सिरदर्द था,लेकिन फेफड़ों में समानता नहीं थी। वहीं उन्होंने ये भी बताया कि चौथे दिन उनका गला और सिर दर्द दोनों ठीक भी हो गए थे और उनकी खांसी में भी काफी ज्यादा सुधार था। 
हालांकि जब उन्हें दस्त जरूर थे। उनके फेफड़ों में तरल पदार्थ अब तक भी था,बताया जा रहा है कि उनका इलाज अभी भी चल रहा है और उनकी हालत में काफी सुधार है। 

Desk Team