जहां पहले बच्चे अपने बड़ों का सम्मान करते थे और ज्यादा सहनशील हुआ करते थे। वहीं, आज के दौर में छोटे से छोटा बच्चा अपने गुस्से की आग में कुछ भी करने से पीछे नहीं हटता है। हाल ही में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला। फोन जब्त किए जाने से नाराज एक लड़की ने स्कूल में आग लगा दी और इस वजह से 20 लोगों की मौत हो गई।

ये पूरा मामला साउथ अमेरिकी देश गुयाना का बताया जा रहा है। जहां एक 14 साल की बच्ची मोबाइल फोन लेकर स्कूल आई थी। उसकी टीचर ने फोन देख लिया। टीचर ने सबके सामने बच्ची से फोन छीन लिया। इस बात से उस बच्ची को इतना गुस्सा आया है कि उसने अपने ही स्कूल में आग लगा दी। इस आग में स्कूल के बीस बच्चे जलकर मर गए। बताया जा रहा है कि छात्रा ने गुस्से में वारदात से पहले इसको लेकर चेतावनी भी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महदिया सेकेंडरी स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में आग लग गई। इस वजह से कई छात्राएं और स्टाफ फंस गए और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। साथ ही फौरन फायर ब्रिगेड की टीम भी बुलाई गई मगर जब आग बुझाई जाती स्कूल का एक बड़ा जलकर राख हो गया। इतना ही इस आग में 20 लोगों की मौत भी हो गई।

राजधानी जॉर्ज टाउन से लगभग 200 मील की दूरी पर सेंट्रल गुयाना माइनिंग टाउन की ये घटना बताई जा रही है। इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने कहा कि ये आग स्कूल की ही एक छात्रा ने लगाई थी और वो खुद भी इस आग में घायल हुई है और फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करेगी।

इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई है जबकि 9 लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है और उनकी हालात गंभीर बताई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल को आग लगाने वाली बच्ची पर अपने से काफी उम्रदराज वार्डन के साथ अफेयर का भी आरोप है। बच्ची पर डिसिप्लिन एक्ट के तहत स्ट्रिक्टनेस अपनाई जा रही थी। इस वजह से उसका फोन छीन लिया गया था।


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