ज्योतिष में कुल नौ ग्रह बताए गए हैं। ये 9 ग्रह कुंडली के 12 भावों में अपनी स्थितियों के अनुसार फल देते हैं। इनके अनुसार ही कुंडली में दोष व उनका निवारण भी बताया गया है। इन्ही में से एक दोष में से एक है कालसर्प दोष।अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में 9 में से 7 ग्रह राहु-केतु के बीच में आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है और ऐसा माना जाता है कि कालसर्प दोष के व्यक्ति को जीवन में सफलता नहीं मिल पाती है। परेशानियां बनी रहती हैं और पारिवारिक सुख भी नहीं मिल पाता है। अगर आप पर भी काल सर्प का दोष है तो नाग पंचमी के दिन जरुर करें ये उपाय।

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 2 अगस्त, 2022 मंगलवार को है। इस दिन घर-घर में नागदेवता की पूजा की जाती है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति नागपंचमी पर नागदेवता की पूजा करता है उसे सर्प भय से मुक्ति मिल जाती है और उसके परिवार पर भी नागदेवता की कृपा बनी रहती है।
कालसर्प राहु-केतु के कारण जन्म कुंडली में बनने वाला एक अशुभ योग है। जिन लोगों की कुंडली में ये होता है, उन्हें अपने जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस योग के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए नागपंचमी पर आगे बताए गए उपाय करे।
इस दिन पीड़ित नाग या किसी भी व्यक्ति के पास नाग हो तो उसे मुक्त करा लें और जाकर किसी जंगल में उसे छोड़ आएं। काल सर्प दोष के अशुभ प्रभाव को समाप्त करने के लिए ये उपाय बहुत कारगर माना जाता है। किसी सपेरे से नाग पंचमी के दिन नाग-नागिन खरीदकर उनको जंगलों में छुड़वा दें, ऐसा करने से भी कालसर्प दोष का अशुभ प्रभाव कम होता है।

नागपंचमी पर कालसर्प दोष की पूजा करवाना बहुत शुभ माना गया है। भव हो तो राहु-केतु का जाप और अनुष्ठान भी करवाएं। नाग पंचमी के दिन अपने वजन के बराबर कोयले के बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें, ऐसा करने से कालसर्प दोष से होने वाली परेशानियों में कमी आ जाएगी।


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