कौन है Khan Market का माल‍िक? कितना है यहां की दुकानों का Rent, जानें हर Fact

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दिल्ली में शोपिंग करने के लिए मार्केट की कमी नहीं है। इन्ही में से एक खान मार्केट है जो सिर्फ दिल्ली में ही नहीं दुनिया के सबसे महंगे बाजारों में से एक है। लेकिन क्‍या आपको पता है कि खान मार्केट का असली मालिक कौन है? यहां की दुकानों का किराया कौन लेता है? चलिए जानते हैं। सबसे महंगे मार्केट की बात करें तो दिल्ली की खान मार्केट सबसे ऊपर आता है। इसे दिल्‍ली का दिल भी कहते हैं क्‍योंकि यह उस जगह बसा हुआ है जहां राष्ट्रपति भवन, संसद भवन सहित कई महत्वपूर्ण इमारतें मौजूद हैं। बड़े-बड़े अफसर और…

दिल्ली में शोपिंग करने के लिए मार्केट की कमी नहीं है। इन्ही में से एक खान मार्केट है जो सिर्फ दिल्ली में ही नहीं दुनिया के सबसे महंगे बाजारों में से एक है। लेकिन क्‍या आपको पता है कि खान मार्केट का असली मालिक कौन है? यहां की दुकानों का किराया कौन लेता है? चलिए जानते हैं।

सबसे महंगे मार्केट की बात करें तो दिल्ली की खान मार्केट सबसे ऊपर आता है। इसे दिल्‍ली का दिल भी कहते हैं क्‍योंकि यह उस जगह बसा हुआ है जहां राष्ट्रपति भवन, संसद भवन सहित कई महत्वपूर्ण इमारतें मौजूद हैं। बड़े-बड़े अफसर और धनी लोग इस इलाके में रहते हैं। बता दें कि खान मार्केट कई वजह से खास है। दूर-दूर से लोग यहां शॉप‍िंग करने आते हैं। जायकेदार पकवानों का लुत्‍फ उठाते हैं। लेकिन कभी आपने सोचा कि खान मार्केट का माल‍िक कौन है? इसे किसने बसाया? यहां की दुकानों का किराया कौन वसूलता है?

खान मार्केट की शुरुआत 1951 में हुई। बंटवारे के बाद लोगों को यहां रहने के घर बनाए गए थे। नीचे दुकानें थीं और ऊपर घर। अब्‍दुल गफार खान के भाई अब्‍दुल जब्‍बार खान के नाम पर रखा गया, जो एक स्‍वतंत्रता सेनानी थे। आज यहां हजारों की संख्‍या में दुकानें खुल गई हैं।

बता दें कि ज्‍यादातर दुकानें लीज पर हैं। शुरुआत में इनका किराया सिर्फ 50 रुपये महीना तय किया गया था। आज यहां सैकड़ों दुकानें हैं जो सरकार के नियंत्रण में आती हैं। इनका किराया 6 लाख रुपये प्रत‍ि महीने से ज्‍यादा है। लेकिन बहुत दुकानें निगम के नियंत्रण में हैं। जब राजनाथ सिंह गृहमंत्री थे, तब इसका नाम बदलने की भी मांग की थी, लेकिन यहां के दुकानदारों ने विरोध कर दिया।

 

Desk Team