अमेरिकी और भारतीय वायुसेना प्रमुखों ने हिंद-प्रशांत सहयोग पर की चर्चा

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वॉशिंगटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी की पुनः पुष्टि की। यह उच्च-स्तरीय वार्ता उनके वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी), प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रतिरोध (डिटरेंस) पर ध्यान केंद्रित किया गया। अमेरिकी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल केनेथ विल्सबैक ने 8 अप्रैल को भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह की आधिकारिक समकक्ष यात्रा की मेज़बानी की। संयुक्त बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग में सिंह का पूर्ण सम्मान के साथ स्वागत किया गया और बाद में उन्होंने पेंटागन में वायुसेना सचिव ट्रॉय मिंक और विल्सबैक के साथ बैठकें कीं।…

वॉशिंगटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी की पुनः पुष्टि की। यह उच्च-स्तरीय वार्ता उनके वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी), प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रतिरोध (डिटरेंस) पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अमेरिकी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल केनेथ विल्सबैक ने 8 अप्रैल को भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह की आधिकारिक समकक्ष यात्रा की मेज़बानी की।

संयुक्त बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग में सिंह का पूर्ण सम्मान के साथ स्वागत किया गया और बाद में उन्होंने पेंटागन में वायुसेना सचिव ट्रॉय मिंक और विल्सबैक के साथ बैठकें कीं।

चर्चाओं के दौरान, अमेरिकी वायुसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भारत के साथ अपने रक्षा साझेदारी के महत्व पर ज़ोर दिया और इसे “स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र” सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बताया।

विल्सबैक ने समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में भारत के नेतृत्व और भागीदारी की सराहना की और कहा कि इस तरह के सहयोग का विस्तार क्षेत्रीय प्रतिरोध को मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

विल्सबैक ने कहा, “एयरचीफ मार्शल एपी सिंह की इस महत्वपूर्ण समकक्ष यात्रा की मेज़बानी करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। पेंटागन में उनके पूरे दिन के दौरान, हमने आधुनिकीकरण प्रयासों, भविष्य के प्रशिक्षण अवसरों और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर सार्थक चर्चा की।”

वार्ताओं में भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन विमान की खरीद पर भी चर्चा हुई, जिसमें अमेरिकी वायुसेना ने यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई कि भारतीय सशस्त्र बल इस प्लेटफ़ॉर्म का डिलीवरी के बाद “सुगमता और प्रभावी ढंग से उपयोग” कर सकें।

विल्सबैक ने आगे भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण प्रयासों का समर्थन करने के लिए अमेरिकी वायुसेना की तत्परता को रेखांकित किया और गहरे रक्षा औद्योगिक सहयोग के पारस्परिक लाभों की ओर इशारा किया।

पेंटागन की बैठकों के बाद स्टाफ-स्तरीय वार्ताएं हुईं, जिनमें कई परिचालन क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जैसे नेशनल गार्ड ब्यूरो का स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम, एयर नेशनल गार्ड का एडवांस्ड एयरलिफ्ट टैक्टिक्स ट्रेनिंग सेंटर और एमक्यू-9 के पूर्ण-स्पेक्ट्रम संचालन।

एयरचीफ मार्शल सिंह ने कहा कि इस तरह की सहभागिताएं दोनों वायुसेनाओं के बीच संयुक्त क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे अवसर हमारी संयुक्त इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने और हमारी वायुसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

एयरचीफ मार्शल सिंह ने कोलोराडो के पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का दौरा किया, जहां उन्हें नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के मिशन के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें उत्तरी अमेरिका के लिए एयरोस्पेस और समुद्री चेतावनी शामिल है।

उन्होंने नेवादा के नेलिस एयर फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी वायुसेना वारफेयर सेंटर में ब्रीफिंग में भाग लिया और एफ-15ईएक्स ईगल II में एक परिचयात्मक उड़ान भरी।

–आईएएनएस

पीएम

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