चीन और आसियान देशों के विदेश मंत्रियों का संयुक्त वक्तव्य जारी

Summary :

बीजिंग, 24 जुलाई (आईएएनएस)। चीन और आसियान के सदस्य देशों ने 22 जुलाई को फिलीपींस के मनीला में चीन-आसियान विदेश मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया। उसके बाद चीन और आसियान देशों के विदेश मंत्रियों ने मध्य-पूर्व क्षेत्र में बदलते हालात के अपने क्षेत्र पर पड़ने वाले असर का मुकाबला करने और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग मजबूत करने पर संयुक्त वक्तव्य जारी किया। दोनों पक्षों ने कहा कि चीन और आसियान समान दिलचस्पी वाले क्षेत्रों में व्यवहारिक सहयोग बढ़ाने में जुटे हैं और खुले, समावेशी, अनवरत व शांतिपूर्ण, सुरक्षित तथा समृद्ध विकास वाले क्षेत्र का निर्माण करने में प्रयास करते हैं।…

बीजिंग, 24 जुलाई (आईएएनएस)। चीन और आसियान के सदस्य देशों ने 22 जुलाई को फिलीपींस के मनीला में चीन-आसियान विदेश मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया। उसके बाद चीन और आसियान देशों के विदेश मंत्रियों ने मध्य-पूर्व क्षेत्र में बदलते हालात के अपने क्षेत्र पर पड़ने वाले असर का मुकाबला करने और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग मजबूत करने पर संयुक्त वक्तव्य जारी किया।

दोनों पक्षों ने कहा कि चीन और आसियान समान दिलचस्पी वाले क्षेत्रों में व्यवहारिक सहयोग बढ़ाने में जुटे हैं और खुले, समावेशी, अनवरत व शांतिपूर्ण, सुरक्षित तथा समृद्ध विकास वाले क्षेत्र का निर्माण करने में प्रयास करते हैं। दोनों पक्ष विकसित होते क्षेत्रीय ढांचे और आसियान के नेतृत्व वाले तंत्र व मंच में आसियान के मुख्य स्थान का समर्थन करते हैं।

आसियान दोनों पक्षों के बीच सहयोग मजबूत करने में चीन के प्रयास को मान्यता देता है। आसियान ने क्षेत्र में शांतिपूर्ण घर, सुरक्षित घर, समृद्ध घर, सुंदर घर और दोस्ताना घर बनाने में चीन की पहल पर ध्यान दिया है।

दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत, आसियान चार्टर, दक्षिण पूर्व एशिया में मैत्री व सहयोग की संधि और अंतर्राष्ट्रीय कानून में निर्धारित विचारधारा, साझा मूल्य और मानदंड को दोहराया।

दोनों पक्ष समझते हैं कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात का प्रभाव फैल रहा है, जो आम लोगों की जीवन सुरक्षा, क्षेत्रीय व विश्व शांति व स्थिरता और व्यापार, निवेश, ऊर्जा व अनाज सुरक्षा समेत आर्थिक गतिविधियों के लिए गंभीर खतरा है। दोनों पक्षों ने वार्ता व कूटनीति के जरिए और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से विवाद का समाधान करने के महत्व पर जोर दिया।

दोनों पक्षों ने सहमति कायम की कि दोनों पक्ष चल रहे सभी राजनयिक संपर्क का स्वागत करते हैं। दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र चार्टर समेत अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार प्रभुसत्ता व प्रादेशिक अखंडता का सम्मान करते हैं। दोनों पक्ष चीन और आसियान के बीच ऊर्जा नीति पर आदान-प्रदान और व्यवहारिक सहयोग करने पर भी सहमत हुए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

एबीएम/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk