बाकू, 1 मई (आईएएनएस)। अजरबैजान की संसद मिल्ली मजलिस ने शुक्रवार को यूरोपीय संसद के साथ सभी प्रकार का सहयोग समाप्त करने के पक्ष में मतदान किया है। यह फैसला यूरोपीय संसद की अजरबैजान विरोधी गतिविधियों के जवाब में लिया गया है।
बाकू की संसद ने एक प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि अब ईयू-अजरबैजान संसदीय सहयोग समिति में भागीदारी भी खत्म की जाएगी और हर स्तर पर सहयोग बंद किया जाएगा। संसद की स्पीकर साहिबा गफारोवा ने कहा कि यूरोपीय संसद की गतिविधियों के जवाब में कड़े कदम उठाए जाएंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, संसद ने ‘यूरनेस्ट पार्लियामेंट्री असेंबली’ से बाहर निकलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। यह एक क्षेत्रीय मंच है, जिसमें यूरोपीय संसद और कुछ अन्य देशों की संसद शामिल हैं।
उधर, अजरबैजान में यूरोपीय संघ की राजदूत मारियाना कुजुंडजिक को शुक्रवार को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “1 मई को यूरोपीय संघ की राजदूत मरियाना कुजुंडजिक को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया। बैठक के दौरान 30 अप्रैल को यूरोपीय संसद की ओर से पास किए गए प्रस्ताव में हमारे देश के खिलाफ जो पक्षपातपूर्ण और बेबुनियाद बातें कही गईं, उनकी कड़ी निंदा की गई और इस पर विरोध दर्ज कराया गया।”
बयान में कहा गया कि यह प्रस्ताव हकीकत को तोड़-मरोड़कर पेश करता है, निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है और देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के दायित्वों के भी खिलाफ है।
अजरबैजान ने यह भी कहा कि यूरोपीय संसद का ऐसा रवैया क्षेत्र में चल रही सामान्य स्थिति बनाने की कोशिशों और ईयू-अजरबैजान संबंधों पर बुरा असर डाल सकता है।
बाकू ने कहा कि कराबाख क्षेत्र में अर्मेनियाई लोगों की वापसी को लेकर किए गए दावे पूरी तरह गलत हैं और यह अजरबैजान के अंदरूनी मामलों में दखल है।
बयान में कहा गया कि 2023 में संविधान के अनुसार जो पुनःएकीकरण योजना पेश की गई थी, उसके बावजूद अर्मेनियाई लोग अपनी मर्जी से क्षेत्र छोड़कर गए थे और इसके उलट किए जा रहे दावे झूठे हैं। साथ ही “युद्धबंदी” कहे जा रहे अर्मेनियाई मूल के लोगों को रिहा करने की मांग को भी कानूनी रूप से गलत बताया गया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अजरबैजान ने इंसानियत दिखाते हुए कई कैदियों को पहले ही रिहा किया है और भरोसा बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। जिन लोगों को अदालत ने सजा दी है, वे आतंकवाद, तोड़फोड़ और युद्ध अपराध जैसे गंभीर मामलों में दोषी पाए गए हैं।
–आईएएनएस
एवाई/वीसी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)






















