बोलीविया में ‘अल नीनो’ के असर से निपटने को राष्ट्रीय आपातकाल घोष‍ित, म्यांमार ने बनाए 600 राहत केंद्र

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लीमा, 1 नवंबर (आईएएनएस)। बोलीविया ने ‘अल नीनो’ के प्रभावों से निपटने के लिए देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करने वाले एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। बोलीविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज ने कहा कि उन्होंने यह कदम देश के कई इलाकों में पड़ रहे सूखे से निपटने और आने वाले महीनों में संभावित बाढ़ की तैयारी के लिए उठाया है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया क‍ि इस फैसले का मकसद आर्थिक और मानव संसाधनों को जुटाना, सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हासिल करना है। इससे प्रभावित परिवारों की…

लीमा, 1 नवंबर (आईएएनएस)। बोलीविया ने ‘अल नीनो’ के प्रभावों से निपटने के लिए देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करने वाले एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। बोलीविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज ने कहा कि उन्होंने यह कदम देश के कई इलाकों में पड़ रहे सूखे से निपटने और आने वाले महीनों में संभावित बाढ़ की तैयारी के लिए उठाया है।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया क‍ि इस फैसले का मकसद आर्थिक और मानव संसाधनों को जुटाना, सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हासिल करना है। इससे प्रभावित परिवारों की मदद की जा सकेगी और जलवायु से जुड़ी आपदाओं का लोगों की जिंदगी और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाला असर कम किया जा सकेगा।

पाज ने बताया कि बोलीविया में अब तक 63 समुदाय सूखे से प्रभावित हो चुके हैं। वहीं, पशुपालन क्षेत्र भी जानवरों के चारे की कमी से जूझ रहा है।

बोलीविया के नागरिक सुरक्षा उपमंत्रालय के मुताबिक, देश के नौ में से छह विभागों में करीब 80,000 परिवार पानी की कमी से प्रभावित हुए हैं। सूखे के कारण 75,000 से ज्यादा पशुओं की मौत भी हो चुकी है। ‘अल नीनो’ एक जलवायु संबंधी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय हिस्से का सतही पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इसके कारण दुनिया के कई हिस्सों में मौसम के असामान्य बदलाव देखने को मिलते हैं।

इस बीच, म्यांमार के यांगून क्षेत्र में भीषण गर्मी से लोगों को राहत देने के लिए 600 से अधिक हीट रिलीफ शेल्टर तैयार किए गए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इन केंद्रों में कुल मिलाकर 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को ठहराने की क्षमता है। यह तैयारी ‘अल नीनो’ के मजबूत प्रभाव की आशंका को देखते हुए की गई है। ये राहत केंद्र यांगून क्षेत्र के 14 जिलों में बनाए गए हैं।

म्यांमार सरकार ने भीषण गर्मी के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी रखने की भी व्यवस्था की है। अस्पतालों, क्लीनिकों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा कर्मचारी लोगों की मदद के लिए तैयार रहेंगे। म्यांमार के मौसम और जलविज्ञान विभाग (डीएमएच) ने कहा है कि विश्व मौसम विज्ञान संगठन और अंतरराष्ट्रीय जलवायु केंद्रों के आकलन के आधार पर बहुत मजबूत अल नीनो की स्थिति नवंबर और दिसंबर 2026 में चरम पर पहुंच सकती है।

विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले गर्मी के मौसम में अल नीनो के कारण अनियमित बारिश, अधिक तापमान, असामान्य तूफानी गतिविधियां, सूखा और अन्य मौसम संबंधी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम

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IANS Agency

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