हवाना, 6 जून (आईएएनएस)। क्यूबा ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस बयान को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन द्वीप पर तेल की सप्लाई नहीं रोकता है। क्यूबा ने इसके जवाब में उस अमेरिकी उपाय का हवाला दिया है जिसके तहत क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर जुर्माना लगाया जाता है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि रुबियो ने बार-बार दावा किया है कि अमेरिकी सरकार क्यूबा को तेल की सप्लाई नहीं रोकती है।
रोड्रिग्ज ने 29 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14380 की ओर इशारा किया, जो उन देशों से होने वाले आयात पर दंडात्मक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है जो सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से क्यूबा को तेल की सप्लाई करते हैं।
रोड्रिग्ज के अनुसार, जो भी देश क्यूबा के साथ तेल का व्यापार करता है, उसे अमेरिकी बाजार में व्यापारिक जवाबी कार्रवाई का खतरा होता है।
रोड्रिग्ज ने लिखा, “क्या यह क्यूबा में तेल के प्रवेश को रोकना नहीं है?” उन्होंने इस कदम को तीसरे देशों के खिलाफ आर्थिक दबाव का एक रूप बताया।
वह मंगलवार को अमेरिकी सीनेट समिति के समक्ष रुबियो की टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे, जहां विदेश मंत्री ने क्यूबा के ऊर्जा संकट पर व्हाइट हाउस के रुख का बचाव किया था।
घरेलू मांग को पूरा करने के लिए क्यूबा काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, द्वीप को सामान्य रूप से काम करने के लिए महीने में लगभग आठ ईंधन शिपमेंट की आवश्यकता होती है।
इस साल अब तक, क्यूबा को केवल एक कच्चा तेल शिपमेंट, रूसी टैंकर एनाटोली कोलोडकिन, मिला है, जिसमें लगभग 100,000 टन तेल था।
इससे पहले बुधवार को, क्यूबा ने अमेरिकी सीनेट में रुबियो द्वारा लगाए गए आतंकवाद के आरोपों को खारिज कर दिया था।
रोड्रिग्ज ने ‘एक्स’ पर कहा कि आतंकवाद को कथित रूप से प्रायोजित करने वाले देशों की अमेरिकी सूची में क्यूबा को शामिल करना सबूतों के बजाय राजनीतिक मानदंडों पर आधारित है।
रोड्रिग्ज ने कहा कि यह दर्जा “इतना मनमाना और नैतिक समझ से रहित है कि अमेरिकी विदेश मंत्री के पास खुद उस देश की कांग्रेस के सामने इस आपराधिक कदम को सही ठहराने के लिए तर्क नहीं हैं।”
उन्होंने कहा कि रुबियो की टिप्पणियों से क्यूबा पर दबाव बनाए रखने के वाशिंगटन के इरादे का पता चलता है।
रोड्रिग्ज ने कहा, “उनका मुखौटा उतर गया है। उनका राजनीतिक मकसद और एकमात्र लक्ष्य, हर संभव तरीके से क्यूबा की अर्थव्यवस्था का गला घोंटना, मानवीय संकट पैदा करना और क्यूबा में सैन्य हस्तक्षेप को बढ़ावा देना, स्पष्ट हो गया है।”
क्यूबा के विदेश मंत्री ने इसे भी चिंताजनक बताया कि कांग्रेस ‘एक सरकारी अधिकारी के झूठ को कायम रहने देती है।’
रुबियो ने सीनेट की सुनवाई के दौरान ये टिप्पणियां कीं, जहां उन्होंने आतंकवाद को कथित रूप से प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में क्यूबा को बनाए रखने के ट्रम्प प्रशासन के फैसले का बचाव किया।
–आईएएनएस
एससीएच/पीएम
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