बेरूत, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि लेबनान एक नए फेज में आ गया है, जो अपने लोगों के अधिकारों, अपने इलाके की एकता और देश की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए स्थायी समझौते पर बातचीत करने पर फोकस कर रहा है।
लेबनान के लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति आउन ने कहा कि देश सीजफायर लागू करने की कोशिशों से आगे बढ़कर लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के बड़े स्टेज की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि पिछले फेज की तरह, ये कोशिशें लेबनान को बचाने में मदद करेंगी।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने सीजफायर का क्रेडिट लेबनान के लोगों की मिली-जुली कोशिशों और कुर्बानियों को दिया, जिसमें फ्रंटलाइन इलाकों में रहने वाले लोग भी शामिल हैं। इसके साथ ही इसमें अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ लगातार डिप्लोमैटिक जुड़ाव भी शामिल है।
आउन ने कहा कि बातचीत कमजोरी या पीछे हटने का संकेत नहीं है, बल्कि यह लेबनान के हितों की रक्षा करने और जानमाल के नुकसान को रोकने और विस्थापन को खत्म करने का एक संप्रभु फैसला है।
संघर्ष में हुए भारी नुकसान के बारे में बताते हुए लेबनानी राष्ट्रपति आउन ने कहा कि हजारों लेबनानी मारे गए हैं और वादा किया कि विदेशी हितों या राजनीतिक हिसाब-किताब के लिए और जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं इन फैसलों की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं।”
आउन ने आने वाले फेज के मुख्य मकसद बताए, जिसमें लेबनानी इलाके पर इजरायली हमलों को रोकना, इजरायली सेना की वापसी सुनिश्चित करना, कैदियों की वापसी सुनिश्चित करना, बेघर हुए नागरिकों की सुरक्षित वापसी मुमकिन बनाना और सभी लेबनानी इलाकों में सरकार का पूरा अधिकार वापस लाना शामिल है।
उन्होंने एक ही सरकारी अथॉरिटी, संविधान और सेना के तहत देश की एकता की भी अपील की और अंदरूनी फूट और बाहरी एजेंडा के खिलाफ चेतावनी दी।
इस बीच, हिजबुल्लाह की पॉलिटिकल काउंसिल के एक बड़े सदस्य वाफिक सफा ने बेरूत में बीबीसी अरबी को बताया कि इस मंच पर समूह के हथियारों के जखीरे पर कोई मोल-भाव नहीं हो सकता।
सफा ने कहा, “हिजबुल्लाह कभी भी हथियार नहीं छोड़ेगा। हमले रुकने, इजरायल के हटने, कैदियों की वापसी, बेघर हुए लोगों के अपने वतन लौटने और फिर से बसने से पहले, हम हिजबुल्लाह के हथियारों के बारे में बात नहीं कर सकते।”
सफा ने चेतावनी दी कि हिजबुल्लाह नवंबर 2024 से लागू सीजफायर जैसा कोई भी सीजफायर नहीं मानेगा। बता दें, 2024 के इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर हुआ था, जो 2 मार्च 2026 को टूट गया, जब हिजबुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल की तरफ रॉकेट दागे, जिससे पूरे लेबनान में इजरायली हवाई हमले तेज हो गए।
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर लोकल टाइम के हिसाब से गुरुवार और शुक्रवार की आधी रात (2100 जीएमटी) से लागू हुआ। इसका मकसद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भीषण तनाव को खत्म करना है। लेबनान की पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्री ने शुक्रवार को कहा कि हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान में 2,294 लोग मारे गए हैं, जिनमें 100 पैरामेडिक्स और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
शुक्रवार को पहले, हिजबुल्लाह के लॉयल्टी टू द रेजिस्टेंस ब्लॉक ने अल जदीद टीवी को बताया कि वह सावधानी के साथ नए सीजफायर के लिए तैयार है और इस बात पर जोर दिया कि इसका पालन इस शर्त पर है कि सीजफायर सभी लेबनानी इलाकों को कवर करे।
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि हालांकि इजरायल लेबनान सरकार के साथ एक इंटीग्रेटेड डिप्लोमैटिक और मिलिट्री सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने का मौका देगा, लेकिन इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना काम पूरा नहीं किया है।
नए सीजफायर के बावजूद, लेबनान के अल-मनार टीवी ने बताया कि इजरायल ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में ड्रोन हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
–आईएएनएस
केके/एएस
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