दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली पीएम मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठक, सप्लाई चेन सहयोग पर होगा फोकस

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नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग रविवार को भारत पहुंचे। सोमवार को वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय समिट में शामिल होंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने और उनकी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले राष्ट्रपति ली ने भारत को लेकर एक सराहनीय पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किया है। राष्ट्रपति ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर लिखा, “दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला…

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग रविवार को भारत पहुंचे। सोमवार को वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय समिट में शामिल होंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने और उनकी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले राष्ट्रपति ली ने भारत को लेकर एक सराहनीय पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किया है।

राष्ट्रपति ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर लिखा, “दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला और बहुत तेजी से बढ़ता हुआ देश। अगर आप ध्यान से देखें, तो सच में ऐसे कई मौके हैं जिनसे दोनों देशों को फायदा होगा, बिना किसी दबाव या जबरदस्ती के। आइए, हम भारत के साथ मिलकर एक शानदार भविष्य की शुरुआत करें, एक ऐसा देश जो शांति और लोकतंत्र पसंद करता है। मैं उम्मीद करता हूं सब कुछ अच्छे से सम्पन्न होगा।”

राष्ट्रपति ली सबसे पहले महात्मा गांधी की याद में बने राजघाट पर श्रद्धांजलि देंगे और फिर पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। यह समिट उनकी तीसरी आमने-सामने की मीटिंग होगी, इससे पहले पिछले साल जी7 और जी20 की मीटिंग के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक के मुताबिक, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम इंडस्ट्री, फाइनेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीके तलाश सकते हैं।

ग्लोबल सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सहयोग भी एजेंडा में सबसे ऊपर रहने की संभावना है। दोनों देश आयातित ऊर्जा पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की वजह से जूझ रहे हैं।

समिट के बाद, ली दोनों देशों के व्यावसायिक नेताओं के साथ एक राउंडटेबल में शामिल होंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा होस्ट किए गए एक स्टेट लंच में भी शामिल होंगे। राष्ट्रपति ली रविवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे।

कॉर्पोरेट मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति ली और फर्स्ट लेडी किम ही क्यूंग का स्वागत किया।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति से मुलाकात की और अलग-अलग क्षेत्र में संबंध बढ़ाने के उनके कमिटमेंट की सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच खास रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का भारत दौरा दोनों देशों के बीच स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया था, “कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का भारत के राजकीय दौरे पर नई दिल्ली आने पर बहुत गर्मजोशी से स्वागत है। यह राष्ट्रपति ली का भारत का पहला दौरा है।”

–आईएएनएस

केके/एएस

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