वाशिंगटन, 5 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि छोटे व्यवसाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्होंने टैक्स में कटौती और नियमों में ढील के साथ टैरिफ को विकास के प्रमुख कारक बताया।
नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक के मौके पर ट्रंप ने कहा कि यह सेक्टर आर्थिक गतिविधि में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, “इस कमरे में बैठे लोग 36 मिलियन छोटे बिजनेस का प्रतिनिधित्व करते हैं जो अमेरिका में सभी आर्थिक गतिविधियों का 40 फीसदी बनाते हैं।”
उन्होंने छोटे बिजनेस को देश की सबसे जरूरी आर्थिक ताकत बताते हुए ट्रंप ने कहा, “आप असल में पूरे देश में बिजनेस के हिसाब से सबसे जरूरी फैक्टर हैं।”
ट्रंप ने टैक्स में राहत के तरीकों को छोटी फर्मों के लिए एक बड़ा फायदा बताया। उन्होंने कहा, “12 मिलियन अमेरिकी छोटे बिजनेस को एवरेज 7,000 डॉलर से ज्यादा का टैक्स कट मिला और इससे बचत भी हुई है।”
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘टिप्स पर कोई टैक्स नहीं, ओवरटाइम पर कोई टैक्स नहीं और सामाजिक सुरक्षा पर कोई टैक्स नहीं’ जैसी नीति का भी जिक्र किया और उन्हें श्रमिकों और बिजनेस मालिकों के लिए जरूरी बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछली आर्थिक नीति की आलोचना करते हुए कहा कि छोटे बिजनेस अमेरिकी इतिहास की सबसे बुरी महंगाई से बुरी तरह कुचल दिए गए थे।
ट्रंप ने दावा किया उनकी सरकार ने रेगुलेटरी बोझ कम किया और कहा, “हमने हर नए रेगुलेशन के लिए 129 पुराने रेगुलेशन खत्म कर दिए।” राष्ट्रपति ने इस कदम को कम्प्लायंस कॉस्ट को कम करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया।
ट्रंप ने कहा कि इन नीतियों से अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। बिजनेस में निवेश तीन गुना से भी ज्यादा है।
उन्होंने लेबर मार्केट में हुए फायदों का संकेत देते हुए कहा, “आज हमारे देश के इतिहास में किसी भी समय से ज्यादा अमेरिकी काम कर रहे हैं।”
राष्ट्रपति के मुताबिक, छोटे बिजनेस ने नौकरी बनाने में अहम भूमिका निभाया है। उन्होंने कहा, “तीन में से दो नई नौकरी छोटे बिजनेस में मिली हैं।”
ट्रंप ने छोटे बिजनेस की ग्रोथ को बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग में सुधार से जोड़ा और फैक्ट्री कंस्ट्रक्शन में तेजी का जिक्र किया और कहा, “फैक्ट्रियों के कंस्ट्रक्शन में इतनी तेजी पहले कभी नहीं देखी गई जितनी अभी है।”
उन्होंने वित्त तक पहुंच पर भी जोर दिया और बताया कि छोटे बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ने स्टार्ट-अप्स और मैन्युफैक्चरर्स को अरबों डॉलर के कर्ज दिए हैं।
ट्रंप ने मौजूदा समय को अर्थव्यवस्था के लिए एक टर्निंग पॉइंट बताया और कहा, “यह अमेरिका का सुनहरा दौर है।”
छोटे बिजनेस पर जोर ऐसे समय में आया है जब नीति बनाने वाले ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के बीच ग्रोथ बनाए रखने पर ध्यान दे रहे हैं। भारत में भी, छोटे और मीडियम बिजनेस इसी तरह रोजगार और प्रोडक्शन की रीढ़ हैं, जिससे उद्योग और नीति बनाने वाले अमेरिकी नीति ट्रेंड्स पर करीब से नजर रखते हैं।
छोटे बिजनेस दोनों देशों में आर्थिक गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा हैं, जो इनोवेशन, नौकरी बनाने और लंबे समय की ग्रोथ को बढ़ाने में उनके महत्व को दिखाता है।
–आईएएनएस
केके/एएस
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