पाकिस्तान को बाढ़ के तेज होने से भारी नुकसान का अनुमान, सरकार की अधूरी तैयारियों पर गहराई चिंता

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इस्लामाबाद, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में मानसून बाढ़ का मौसम शुरू होने के साथ ही स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बाढ़ की अधूरी तैयारी को लेकर चिंता जताई गई है। इस देरी के पीछे देश के मौजूदा वित्तीय संकट को एक बड़ा कारण बताया गया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया, “संभावित बाढ़ से निपटने के लिए ठोस उपाय अभी पूरे नहीं हुए हैं। चल रहे वित्तीय संकट के कारण मॉनसून की तैयारी के लिए जरूरी फंड भी जारी नहीं किए गए हैं।” रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी में कई नालों से गाद नहीं निकाली गई है और लेह नाला इलाके में कई…

इस्लामाबाद, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में मानसून बाढ़ का मौसम शुरू होने के साथ ही स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बाढ़ की अधूरी तैयारी को लेकर चिंता जताई गई है। इस देरी के पीछे देश के मौजूदा वित्तीय संकट को एक बड़ा कारण बताया गया है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया, “संभावित बाढ़ से निपटने के लिए ठोस उपाय अभी पूरे नहीं हुए हैं। चल रहे वित्तीय संकट के कारण मॉनसून की तैयारी के लिए जरूरी फंड भी जारी नहीं किए गए हैं।”

रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी में कई नालों से गाद नहीं निकाली गई है और लेह नाला इलाके में कई लोगों को कुछ समय के लिए दूसरी जगह भेज दिया गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने अपना कीमती सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया है।

इसमें यह भी बताया गया है कि जिन बिल्डिंग और दुकानों की छतें टपक रही हैं और दीवारें कमजोर हैं, उन्हें खाली करने के लिए लगातार नोटिस जारी होने के बाद भी खाली नहीं किया जाता है। हर मॉनसून में एक या दो बिल्डिंग थोड़ी या पूरी तरह से गिर जाती हैं और नोटिस सिर्फ ऐसी घटनाओं के लिए कार्रवाई के सबूत के तौर पर जारी किए जाते हैं।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा, “खाली करने के नोटिस से जुड़े मामले कोर्ट में भी पेंडिंग हैं, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, किराएदारों के साथ कथित मिलीभगत की वजह से सरकार उन पर असरदार तरीके से कार्रवाई नहीं करती है, जिससे बार-बार मामले टलते हैं।”

इस बीच, स्थानीय मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ से बहुत ज्यादा तबाही हुई है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, गिलगित-बाल्टिस्तान डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (जीबीडीएमए) ने कहा कि सोमवार सुबह डायमर में छह जगहों पर अचानक बाढ़ आई।

कई घरों और काराकोरम हाईवे (केकेएच) के साथ-साथ फसलें, खेती की जमीन और सरकारी और प्राइवेट प्रॉपर्टी को नुकसान हुआ।

थोर वैली में ट्रैफिक पूरी तरह से रोक दिया गया क्योंकि कई जगहों पर मेन रोड बह गई थी। हजारों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पावर ट्रांसमिशन लाइनें डैमेज हो गई और बाढ़ का मलबा कई घरों में घुस गया है।

खानबारी में आई भयानक बाढ़ में पूरे घर, उनके सामान के साथ-साथ जानवरों के भी बह जाने की खबर सामने आई।

डॉन ने बताया, “डायमर-भाषा डैम प्रोजेक्ट पर काम कर रही एक प्राइवेट कंपनी को भारी नुकसान हुआ, क्योंकि बाढ़ के पानी में 13 डंपर, एक एक्सकेवेटर, एक क्रशिंग प्लांट और दो पानी के टैंकर बह गए, जिससे डेवलपमेंट का काम रुक गया।”

प्रभावित इलाकों के लोगों ने सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (एनडीएमए), जीबीडीएमए और दूसरी संबंधित संस्थाओं से तुरंत राहत अभियान शुरू करने, केकेएच और दूसरी सड़कों को ठीक करने, बिजली सप्लाई फिर से शुरू करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने की अपील की है।

–आईएएनएस

केके/पीएम

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