ईरान: खामेनेई के तदफीन की तैयारियां पूरी, पेजेश्कियन ने जनता से कहा- ‘मतभेद भूल हों जनाजे में शामिल’

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तेहरान, 2 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के तदफीन यानी अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच रस्म अदायगी होगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अपने नेता को आखिरी विदाई देने से पहले तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी परिसर में देश-विदेश से आने वाले लोगों और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी में खामेनेई को श्रद्धांजलि दी जाएगी। न्यूज एजेंसी तसनीम ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, “खामेनेई की मौत ने साबित किया है कि ईरान की व्यवस्था…

तेहरान, 2 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के तदफीन यानी अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच रस्म अदायगी होगी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अपने नेता को आखिरी विदाई देने से पहले तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी परिसर में देश-विदेश से आने वाले लोगों और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी में खामेनेई को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

न्यूज एजेंसी तसनीम ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, “खामेनेई की मौत ने साबित किया है कि ईरान की व्यवस्था आस्था, आदर्शों और देश की जनता की मजबूत इच्छाशक्ति पर टिकी हुई है।”

उन्होंने सभी ईरानियों से, चाहे उनका जातीय, धार्मिक या राजनीतिक मतभेद से परे हो जनाजे में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने ईरान की एकजुटता दिखाना जरूरी है।

ईरानी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के परिवार के पांच सदस्यों के ताबूत एक साथ रखे गए। इनमें खामेनेई, उनकी बेटी, बहू, पोते और दामाद के ताबूत शामिल हैं।

इन सभी का अंतिम संस्कार खामेनेई के राजकीय कार्यक्रम के तहत किया जाएगा। ईरान में जनाजे या तजफीन की रस्में कई दिनों तक चलेंगी, जिनमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों और प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने का अनुमान है।

भारत की ओर से भी नुमाइंदगी पेश की जा रही है। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इसमें शामिल होंगे। वहीं, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती भी इसमें शिरकत करेंगी। ईरान भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी के नेताओं के अलावा जैन संत आचार्य लोकेश मुनि को भी न्योता भेज चुका है।

खामेनेई के तदफीन को देखते हुए ही कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष वार्ता को फिलहाल रोक दिया है। कतर ने कहा कि “सकारात्मक प्रगति” दर्ज की गई जिसके बाद दोनों पक्षों ने आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस वार्ता के दौरान कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने अलग-अलग बैठकों में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि चर्चा “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन” से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही और यह बातचीत “लेक ल्युर्सन शिखर सम्मेलन” के परिणामों पर आधारित थी।

अंसारी के अनुसार, वार्ता में शामिल सभी पक्षों ने अगले दौर की बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। अगली बैठक का समय जल्द से जल्द तय किया जाएगा, जो ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार समारोहों के बाद आयोजित की जाएगी।

प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले समय में दोनों पक्ष बातचीत जारी रखेंगे और स्थिति के अनुसार अगली बैठक की तारीख तय की जाएगी।

–आईएएनएस

केआर/

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