वॉशिंगटन, 26 मार्च (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “निर्धारित समय से आगे” चल रहे हैं और अपने मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुँच रहे हैं। वहीं वॉशिंगटन तेहरान के साथ “सार्थक” बातचीत जारी रखे हुए है, जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है। उन्होंने लगभग चार हफ्तों के युद्ध अभियानों के बाद इस अभियान को “गूंजदार सैन्य विजय” बताया।
उन्होंने कहा, “सिर्फ तीन हफ्तों से थोड़ा अधिक समय में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक बड़ी सैन्य जीत साबित हुआ है।” उन्होंने बताया कि अब तक 9,000 से अधिक दुश्मन ठिकानों पर हमला किया जा चुका है।
लेविट ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में “लगभग 90 प्रतिशत” की कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिसे उन्होंने “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तीन हफ्तों में किसी नौसेना के सबसे बड़े विनाश” के रूप में बताया।
उन्होंने कहा, “हर गुजरते दिन के साथ हमारे सैन्य प्रयास अधिक सफल हो रहे हैं, और ईरान की व्यापारिक जहाजों को डराने की क्षमता लगातार कम हो रही है।”
व्हाइट हाउस ने कहा कि इस अभियान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए शिपिंग को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
सप्ताहांत में, अमेरिकी बलों ने जलडमरूमध्य के पास स्थित एक भूमिगत सुविधा पर “कई 5,000 पाउंड के बम” गिराए, जिसका उपयोग एंटी-शिप मिसाइलों और लॉन्चरों को रखने के लिए किया जाता था।
लेविट ने कहा कि अमेरिका “इस अभियान के मुख्य उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब” है, जिसे अधिकारियों ने पहले चार से छह हफ्तों में पूरा होने का अनुमान लगाया था। अभियान के 25 दिन पूरे होने पर उन्होंने कहा कि सेना “निर्धारित समय से आगे है और असाधारण प्रदर्शन कर रही है।”
लगातार हमलों के बावजूद, वॉशिंगटन ने कूटनीति के लिए भी खुलापन दिखाया। लेविट ने कहा कि हालिया अमेरिकी दबाव के बाद ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई है।
उन्होंने कहा, “शनिवार शाम राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ईरान बातचीत करना चाहता है।”
उन्होंने पुष्टि की कि पिछले तीन दिनों में हुई बातचीत “सार्थक” रही है, जिसके चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित हमलों को अस्थायी रूप से टाल दिया।
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।
लेविट ने कहा, “यदि ईरान मौजूदा स्थिति की वास्तविकता को स्वीकार करने में विफल रहता है… तो राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि उन पर पहले से कहीं अधिक कड़ा प्रहार किया जाए,” और जोड़ा कि राष्ट्रपति “ब्लफ नहीं करते।”
उन्होंने युद्ध समाप्त करने के लिए प्रस्तावित अमेरिकी “15-सूत्रीय योजना” से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया और उन्हें आंशिक रूप से गलत तथा “अनाम स्रोतों की अटकलों” पर आधारित बताया।
प्रशासन इस संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए काम कर रहा है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर तेल आपूर्ति जारी करना और ईंधन की कमी को कम करने के लिए छूट देना शामिल है।
लेविट ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए टैंकर यातायात को पूरी तरह बहाल करने के लिए कोई तत्काल समयसीमा नहीं है, लेकिन इसे एक प्रमुख लक्ष्य बताया।
कूटनीति पर उन्होंने दोहराया कि बातचीत संवेदनशील और जारी है। उन्होंने कहा, “हम बारीकियों में नहीं जाएंगे… ये बातचीत अभी जारी है।”
व्हाइट हाउस ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रपति ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक अब 14–15 मई को बीजिंग में होगी, जिसे इस संघर्ष के कारण पहले टाल दिया गया था।
–आईएएनएस
पीएम
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