सोल, 12 अगस्त (आईएएनएस) उत्तर कोरिया ने जापान की नई रक्षा श्वेत पत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्योंगयांग ने आरोप लगाया है कि जापान पड़ोसी देशों से खतरे का हवाला देकर अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने और क्षेत्र में सैन्यीकरण को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया में प्रकाशित एक लेख के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक कांग वोन-चोल ने जापान पर दोबारा सैन्य शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जापान ने उत्तर कोरिया को ‘‘गंभीर और मौजूद खतरा’’ बताकर अपने सैन्य विस्तार को उचित ठहराने की कोशिश की है।
प्योंगयांग ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी के उस आह्वान को भी निशाना बनाया, जिसमें उन्होंने रक्षा श्वेत पत्र जारी होने के बाद जापान की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत बताई थी। उत्तर कोरिया ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया।
जापान ने मौजूदा प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची सरकार के तहत पिछले सप्ताह अपना पहला रक्षा श्वेत पत्र जारी किया था। इसमें ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल सहित सैन्य आधुनिकीकरण और सहयोगी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि उत्तर कोरिया की आलोचना के साथ-साथ प्योंगयांग ने अपने सैन्य विस्तार को भी सही ठहराने की कोशिश की। उसके अनुसार, दूसरे देशों की कथित शत्रुतापूर्ण नीतियों से निपटने और उन्हें रोकने के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया को असामान्य नहीं बताया, लेकिन कहा कि हाल के दिनों में जापान के साथ-साथ दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान त्रिपक्षीय सहयोग के खिलाफ प्योंगयांग की बयानबाजी बढ़ी है। मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, उत्तर कोरिया संभवतः अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को सही ठहराने और चीन तथा रूस के साथ अपने रणनीतिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
–आईएएनएस
केआर/
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