कोरोना संकट के बीच पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हुए राशन से वंचित, अधिकारियों पर लगाया भेदभाव का आरोप

Summary :

सिंध के एक ईसाई अल्पसंख्यक का कहना है कि शुरू में अधिकारियों ने कहा कि सभी को लॉकडाउन के दौरान राशन मिलेगा लेकिन बाद में उन्होंने ईसाईयों को राशन देने से इनकार कर दिया।

कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के बीच पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है। पाकिस्तान में कोरोना से हालत बत से बत्तर होते जा रहे हैं। इस हालातों में सिंध प्रान्त के हिंदू और ईसाई समुदायों के लोगों को सबसे ज्यादा परशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अल्पसंख्यकों ने अधिकारियो पर राशन के सामान से वंचित करने का आरोप लगाया है। 
सिंध के एक ईसाई अल्पसंख्यक का कहना है कि शुरू में अधिकारियों ने कहा कि सभी को लॉकडाउन के दौरान राशन मिलेगा लेकिन बाद में उन्होंने ईसाईयों को राशन देने से इनकार कर दिया। हम भी पाकिस्तानी हैं और कराची में रह रहे हैं। धर्म के आधार पर इस तरह का भेदभाव उचित नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा अल्पसंख्यकों का एक वीडियो भी जारी किया गया है।


हिंदू और ईसाई समुदायों के सदस्यों का कहना है कि उन्हें सिंध प्रांत में अधिकारियों द्वारा राशन से वंचित रखा गया है। एक हिंदू स्थानीय का कहना है, “लॉकडाउन के दौरान अधिकारी हमारी मदद नहीं कर रहे हैं, हमें राशन भी नहीं दिया जा रहा है क्योंकि हम अल्पसंख्यक समुदाय का हिस्सा हैं।” 

पाकिस्तान में कोरोना मामलों की संख्या 2000 के पार जा चुकी है। बावजूद इसके पूरे पाकिस्तान में लॉकडाउन नहीं हुआ है, बल्कि कुछ प्रांत सरकारों ने अपने स्तर पर इसे लागू किया है। इसी बीच सिंध प्रांत में मौजूद कुछ हिंदू और ईसाई धर्म के लोगों ने भेदभाव का आरोप लगाया है।

Desk Team