‘ओमेगा ब्लॉक’ से झुलस रहा यूरोप, जानें क्या है ये सिस्टम?

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लंदन/नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। यूरोप में जो अब तक नहीं हुआ, वह हो रहा है। धरती तप रही है और कई देश भयंकर गर्मी से जूझ रहे हैं। इस रूठे मौसम की वजह ‘ओमेगा’ है, ग्रीक वर्णमाला का 24वां और अंतिम अक्षर, जिसकी मौजूदगी हमेशा पॉजिटिव मानी जाती है। लेकिन यही ओमेगा यूरोप के लिए आफत का सबब बन गया है। यूरोप के कई देश हीट वेव ‘ओमेगा ब्लॉक’ की चपेट में हैं। चूंकि इसका स्वरूप यूनानी अक्षर ओमेगा जैसा दिखाई देता है इसलिए नाम भी वही रख दिया गया। इसके बीच में गर्म हवा का एक विशाल गुंबद…

लंदन/नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। यूरोप में जो अब तक नहीं हुआ, वह हो रहा है। धरती तप रही है और कई देश भयंकर गर्मी से जूझ रहे हैं। इस रूठे मौसम की वजह ‘ओमेगा’ है, ग्रीक वर्णमाला का 24वां और अंतिम अक्षर, जिसकी मौजूदगी हमेशा पॉजिटिव मानी जाती है। लेकिन यही ओमेगा यूरोप के लिए आफत का सबब बन गया है। यूरोप के कई देश हीट वेव ‘ओमेगा ब्लॉक’ की चपेट में हैं।

चूंकि इसका स्वरूप यूनानी अक्षर ओमेगा जैसा दिखाई देता है इसलिए नाम भी वही रख दिया गया। इसके बीच में गर्म हवा का एक विशाल गुंबद बनता है, जबकि उसके दोनों ओर अपेक्षाकृत ठंडी हवा मौजूद रहती है।

यह हीटवेव एक स्थायी उच्च दबाव प्रणाली के कारण उत्पन्न हो रही है। यह सिस्टम यूरोप के ऊपर एक हीट डोम बना रहा है, जिससे उत्तरी अफ्रीका से गर्म हवा उत्तर की ओर खिंचकर पश्चिमी और मध्य यूरोप में फंस गई है।

ओमेगा ब्लॉक और हीट डोम आपस में जुड़े हुए हैं, लेकिन दोनों एक ही चीज नहीं हैं। सरल शब्दों में कहा जाए तो ओमेगा ब्लॉक इसका कारण है, जबकि हीट डोम उसका परिणाम है।

ओमेगा ब्लॉक एक स्थिर वायुमंडलीय पैटर्न होता है, जिसमें एक उच्च दबाव क्षेत्र दो निम्न दबाव क्षेत्रों के बीच फंस जाता है, जिससे कई दिनों तक चरम मौसम एक ही जगह पर “लॉक” हो जाता है।

वहीं, इसी लॉक-इन स्थिति से बनने वाला हीट डोम एक ऐसी मौसमीय घटना है, जिसमें ऊपरी वायुमंडल में उच्च दबाव का बड़ा क्षेत्र किसी इलाके के ऊपर स्थिर हो जाता है और नीचे की गर्म हवा को ऐसे फंसा देता है जैसे किसी बर्तन पर ढक्कन रखा हो।

इस हीट डोम का निर्माण यूरोप में असामान्य रूप से गर्म मई महीने के बाद हुआ है। कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, पश्चिमी यूरोप ने हाल के वर्षों में सबसे तीव्र शुरुआती हीट वेव्स में से एक का अनुभव किया है, जिसमें कई देशों में मई महीने के तापमान रिकॉर्ड टूट गए हैं।

यह मौसम प्रणाली बहुत धीमी गति से आगे बढ़ती है, जिसके कारण हवा का प्रवाह बेहद कम हो जाता है और लोगों को गर्मी से राहत देने वाली ठंडी हवाएं या बयार नहीं मिल पाती।

अब तक इस हीटवेव ने फ्रांस में 18 तो जर्मनी में 5 लोगों की जान ले ली और ब्रिटेन समेत कई देशों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

गर्मी के कारण इंग्लैंड और वेल्स के कई स्कूलों ने छुट्टी का ऐलान कर दिया है। छात्रों की सेहत को ध्यान में रखते हुए इस सप्ताह बंद रहने या समय से पहले छुट्टी करने की घोषणा की है। वहीं, परिवहन अधिकारियों ने लोगों को अत्यावश्यक स्थिति को छोड़कर यात्रा न करने की सलाह दी है।

फ्रांस के मेट विभाग के मुताबिक, देश की सोमवार से मंगलवार के बीच की रात अब तक की सबसे गर्म रात रही है। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी (मेटियो-फ्रांस) ने बताया कि देश का राष्ट्रीय तापमान सूचकांक जो पूरे फ्रांस के 30 मौसम केंद्रों के औसत तापमान पर आधारित होता है, मंगलवार सुबह 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

यह आंकड़ा 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से सबसे अधिक है। इससे पहले का रिकॉर्ड 21.4 डिग्री सेल्सियस था, जो 25 जुलाई 2019 को दर्ज किया गया था।

–आईएएनएस

केआर/

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