पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर पांच साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इधर, मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री ने ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि फैसले को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी।
ट्रायल कोर्ट ने खान को 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी
आपको बता दे कि शनिवार को इस्लामाबाद की एक ट्रायल कोर्ट ने तोशखाना उपहारों का विवरण छिपाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ ईसीपी की आपराधिक शिकायत पर सुनवाई करते हुए खान को 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी और साथ ही 100,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबकि, कोर्ट ने उन्हें ‘जानबूझकर और जानबूझकर राष्ट्रीय खजाने से अर्जित लाभों को छिपाकर भ्रष्ट आचरण’ का दोषी पाया।
कोर्ट के आदेश में कहा गया कि उन्होंने तोशखाना से प्राप्त उपहारों की जानकारी प्रदान करते समय धोखाधड़ी की। उनकी बात झूठी और गलत साबित हुई। उनकी बेईमानी संदेह से परे है।”
बाद में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लाहौर में उनके ज़मान पार्क आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पाक EC ने इमरान खान को 5 साल के लिए अयोग्य ठहराया
अखबार डॉन के अनुसार, फैसले ने संकेत दिया कि इमरान तकनीकी रूप से संविधान के आर्टिकल 63 (1) (एच) के तहत 5 साल के लिए किसी भी सार्वजनिक पद को धारण करने से अयोग्य हैं, जिसमें कहा गया कि एक व्यक्ति को निर्वाचित होने या चुने जाने और होने से अयोग्य ठहराया जाएगा।” संसद का सदस्य, यदि वह नैतिक अधमता से जुड़े किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, तो उसे 2 साल से कम अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाई गई हो, जब तक कि उसकी रिहाई के बाद से 5 साल की अवधि बीत न गई हो।”
मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में ईसीपी ने शनिवार के कोर्ट के आदेश का हवाला दिया और चुनाव अधिनियम, 2017 की धारा 232 के साथ पढ़े गए संविधान के अनुच्छेद 63 (1) (एच) के तहत खान को अयोग्य घोषित कर दिया।


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