पाकिस्तान की संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल तीन साल बढ़ाने संबंधी विधेयक समेत तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए। इमरान खान के करीबी विश्वासपात्र माने जाने वाले बाजवा का तीन साल का मूल कार्यकाल पिछले साल 29 नवंबर को खत्म होना था, लेकिन प्रधानमंत्री इमरान खान ने 19 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए 59 वर्षीय सेना प्रमुख के कार्यकाल की अवधि तीन साल बढ़ा दी थी।
बहरहाल, 28 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने सरकार के आदेश को यह कहते हुये निलंबित कर दिया कि सेना प्रमुख के कार्यकाल को विस्तार देने के लिए कोई कानून नहीं है। शीर्ष अदालत ने सरकार के आश्वासन के बाद जनरल बाजवा को छह महीने का सेवा विस्तार दिया। सरकार ने अदालत को संसद में छह महीने के भीतर सेना प्रमुख के विस्तार/पुनर्नियुक्ति को लेकर एक कानून पारित करा लेने का आश्वासन दिया था।
रक्षा संबंधी स्थायी समिति ने सोमवार को विधेयकों को मंजूरी दी थी। रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने तीन विधेयकों- पाकिस्तान सेना (संशोधन) विधेयक 2020, पाकिस्तान वायु सेना (संशोधन) विधेयक 2020 और पाकिस्तान नौसेना (संशोधन) विधेयक 2020 को सदन में पेश किया और विधेयक आसानी से पारित कर दिए गए।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इनका समर्थन किया। जमियत उलेमा-ए-इस्लाम फजल और जमात-ए-इस्लामी ने सत्र का बहिष्कार किया क्योंकि वे नए कानून के पक्ष में नहीं थे। नेशनल असेंबली से पारित होने के बाद, विधेयकों को संसद के उच्च सदन सीनेट में पेश किया जाएगा।
इसके अलावा पाकिस्तान की संसद ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की एक प्रमुख आवश्यकता को पूरा करने के लिए देशों के साथ सूचना और अपराधियों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है।


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