सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त जावेद अशरफ ने दोनों देशों के वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध से नये दशक में इस क्षेत्र और दुनिया का अधिक भला होगा। अशरफ ने कहा कि पिछले दशक में सिंगापुर-भारत साझेदारी में बदलाव नजर आया और इस दशक में ‘हम अपनी साझी आकांक्षाओं, जो पहले से ही बहुत ऊंची हैं और उम्मीदों, जो दूसरों को हमसे हैं, पर खरा उतरेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न संक्रांतियों और व्यवधानों के दौर में , भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी की अनिवार्यताएं कभी इतनी मजबूत नहीं रहीं…… (लेकिन) जितना हम एक दूसरे (सिंगापुर-भारत) के लिए करेंगे, हम इस क्षेत्र और दुनिया का उतना ही भला करेंगे। यह भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक साझेदारी का निर्णायक उद्देश्य है।’’
वह बुधवार को 71 वें गणतंत्र दिवस स्वागत समारोह में दोनों देशों के करीब 1500 सरकारी, सामुदायिक और व्यापारिक नेताओं को संबोधित कर रहे थे। सिंगापुर ने अपने एक वरिष्ठ नेता को इस कार्यक्रम में भेजा था। जून, 2019 से दो बार भारत की यात्रा कर चुके वरिष्ठ मंत्री ओंग ये कुंग इस स्वागत समारोह में मानद अतिथि थे और अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
उच्चायुक्त ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी गहरी होती रहेगी और कहा कि जो पहले कहीं नहीं थी, वह अब हिंद प्रशांत क्षेत्र और एक्ट ईस्ट पॉलिसी में अधिक नजर आती है। उन्होंने कहा, ‘‘ आसियान हमारे दृष्टिकोण के केंद्र में रहेगा । सिंगापुर हमारे हर प्रयासों का अभिन्न हिस्सा है।’’ उन्होंने पिछले छह महीने में सिंगापुर से भारत में हुई छह मंत्रीस्तरीय यात्राओं और भारत से सिंगापुर में हुई कई यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह बढ़ते द्विपक्षीय संबंध का सबूत है।


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