अमेरिका ने किया अपनी सबसे खतरनाक न्यूक्लियर मिसाइल का टेस्ट! आखिर क्या इसके पीछे की रणनीति?

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US Tests Minuteman III: अमेरिकी वायुसेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने हाल ही में कैलिफोर्निया से बिना हथियार वाली मिनटमैन-III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल टेस्ट किया। यह एक नियमित और योजनाबद्ध टेस्ट था। मिसाइल ने प्रशांत महासागर पार कर मार्शल द्वीप समूह के पास स्थित रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस टेस्ट साइट पर लक्ष्य को साधा। इस टेस्ट का उद्देश्य अमेरिका की परमाणु रक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और सटीकता की जांच करना था। US Tests Minuteman III: मिनटमैन-III क्या है? मिनटमैन-III अमेरिका की सबसे पुरानी लेकिन अब भी बेहद भरोसेमंद इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे 1970 के दशक…

US Tests Minuteman III: अमेरिकी वायुसेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने हाल ही में कैलिफोर्निया से बिना हथियार वाली मिनटमैन-III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल टेस्ट किया। यह एक नियमित और योजनाबद्ध टेस्ट था। मिसाइल ने प्रशांत महासागर पार कर मार्शल द्वीप समूह के पास स्थित रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस टेस्ट साइट पर लक्ष्य को साधा। इस टेस्ट का उद्देश्य अमेरिका की परमाणु रक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और सटीकता की जांच करना था।

US Tests Minuteman III: मिनटमैन-III क्या है?

मिनटमैन-III अमेरिका की सबसे पुरानी लेकिन अब भी बेहद भरोसेमंद इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे 1970 के दशक में विकसित किया गया था और यह आज भी अमेरिकी परमाणु शस्त्रागार का अहम हिस्सा है। यह मिसाइल जमीन से लॉन्च की जाती है और करीब 13,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इसमें परमाणु वॉरहेड लगाया जा सकता है, लेकिन इस परीक्षण में इसे बिना हथियार के लॉन्च किया गया। अमेरिका के पास फिलहाल लगभग 400 मिनटमैन-III मिसाइलें हैं, जो उसकी त्रिस्तरीय परमाणु रक्षा व्यवस्था (भूमि, वायु और समुद्र आधारित प्रणाली) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

US Tests Minuteman III
US Tests Minuteman III ,(source: social media)

आखिर क्यों रखा गया इस मिसाइल का नाम मिनटमैन-III

इस मिसाइल का नाम “मिनटमैन” इसलिए रखा गया क्योंकि यह किसी भी स्थिति में सिर्फ एक मिनट में लॉन्च के लिए तैयार हो सकती है। यह तेज़ी और तत्परता अमेरिका की रक्षात्मक रणनीति की पहचान है।

US Tests Minuteman III
US Tests Minuteman III ,(source: social media)

Minuteman III missile: टेस्ट पर क्या बोले ट्रंप ?

यह टेस्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस, चीन और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, इसलिए अमेरिका को भी पीछे नहीं रहना चाहिए। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने साफ किया कि फिलहाल विस्फोटक परमाणु परीक्षण नहीं होंगे। यह परीक्षण कॉम्प्रिहेंसिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटी (CTBT) की सीमाओं के अंदर किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय संधि परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने के लिए बनी है, लेकिन अमेरिका ने इसे अभी तक पूरी तरह लागू नहीं किया है।

परीक्षण का उद्देश्य

अमेरिकी वायुसेना के अनुसार, यह रूटीन टेस्ट है जो हर कुछ महीनों में किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मिसाइल की सटीकता, गति, सिस्टम की स्थिरता और लॉन्च प्रक्रिया का मूल्यांकन करना है। इस परीक्षण से यह सुनिश्चित किया जाता है कि अमेरिकी परमाणु हथियार प्रणाली हमेशा तैयार और विश्वसनीय बनी रहे। टेस्ट के दौरान मिसाइल को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग बेस से लॉन्च किया गया और यह लगभग 7000 किलोमीटर दूर मार्शल द्वीप समूह में स्थित रोनाल्ड रीगन टेस्ट साइट तक पहुंची, जहां उसने एक डमी लक्ष्य को हिट किया।

US Tests Minuteman III ,(source: social media)
US Tests Minuteman III ,(source: social media)

अमेरिका की परमाणु रणनीति में भूमिका

मिनटमैन-III अमेरिका की लैंड-बेस्ड न्यूक्लियर डिटरेंट (भूमि आधारित परमाणु रोकथाम प्रणाली) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह देश की सुरक्षा नीति का वह स्तंभ है जो दुश्मन देशों को हमले से रोकने में मदद करता है। अमेरिका फिलहाल 2030 तक नई पीढ़ी की ICBM प्रणाली लाने की योजना बना रहा है, लेकिन तब तक मिनटमैन-III का इस्तेमाल और परीक्षण जारी रहेगा।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।