2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के राजनीतिक दलों में बड़ी उथल – पुथल देखने को मिल रही है। कही नए राजनीतिक दल बन रहे तो कही इन दलों के बड़े गठबंधन लेकिन इन सबके बीच दल बदलू राजनीति भी देखने को मिलती है। सियासत के गलियारों में फिर एक बार हलचल बढ़ गई है। दरअसल केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर जो दावा किया है उसके बाद तो ये सब होना ही था। आठवले के दावे के मुताबिक नीतीश एनडीए में आ सकते है। जिसके बाद बीजेपी नेता सुशील मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा नीतीश के लिए सारे दरवाजे बंद।
आठवले की निजी राय होगी
उन्होंने रविवार (30 जुलाई) को कहा कि अगर वह (नीतीश कुमार) आना भी चाहें तो बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि रामदास आठवले न तो बीजेपी के प्रवक्ता हैं और न ही एनडीए प्रवक्ता हैं। वह एक पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री हैं इसलिए यह उनकी निजी राय होगी। सुशील मोदी ने कहा कि बीजेपी ने अपने सभी दरवाजे बंद कर लिए हैं।वह एक बोझ बन गए हैं। मुझे संदेह है कि क्या आरजेडी ये लंबे समय तक सहन कर पाएगी।
नीतीश पर साधा निशाना
सुशील मोदी ने कहा कि वोट ट्रांसफर करने की उनकी क्षमता समाप्त हो गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में यह देखा गया था कि अगर नरेंद्र मोदी नहीं आते, तो वह (नीतीश कुमार) 44 सीटें नहीं जीत पाते। राजनीति में, आप महत्वपूर्ण हैं यदि आपके पास वोट की ताकत है नहीं तो आपका कोई महत्व नहीं है।
रामदास आठवले ने कही थी ये बात
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने शनिवार को कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी भी एनडीए में लौट सकते हैं। उन्होंने नीतीश कुमार से महाराष्ट्र में होने वाली विपक्षी नेताओं की तीसरी बैठक में शामिल नहीं होने का भी आग्रह किया। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रमुख आठवले ने कहा कि नीतीश हमारे हैं, हमारे पास कभी भी आ सकते हैं।
एनडीए के भीतर नीतीश की कमी हमेशा महसूस
उन्होंने कहा था कि एनडीए के भीतर नीतीश की कमी हमेशा महसूस की जाती रही है। जनता दल (यूनाइटेड) नेता के साथ लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह एक अच्छे दोस्त हैं। वह लंबे समय तक एनडीए का हिस्सा रहे हैं। जब उनका इरादा विपक्षी खेमे में जाने का था तो वह एनडीए में क्यों शामिल हुए।


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