‘मैं आपके पैर छूता हूं, कृपया समय पर काम पूरा करें’, IAS अधिकारी पर भड़के नीतीश कुमार

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Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक आईएएस अधिकारी के साथ मंच पर बातचीत के दौरान अपना आपा खोते हुए देखे गए, उन्होंने कहा कि वह अधिकारी के पैर छूएंगे और उनसे पटना में कंगन घाट तक जेपी गंगा पथ के विस्तार का काम समय पर पूरा करने को कहा। Highlights सार्वजनिक कार्य में शामिल हुए नीतीश कुमार IAS अधिकारी पर भड़के नीतीश कुमार कृपया समय पर काम पूरा करें IAS अधिकारी पर बरस पड़े नीतीश कुमार बिहार क मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने JP गंगा पथ के तीसरे चरण के उद्घाटन के दौरान अधिकारी से काम में तेजी लाने…

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Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक आईएएस अधिकारी के साथ मंच पर बातचीत के दौरान अपना आपा खोते हुए देखे गए, उन्होंने कहा कि वह अधिकारी के पैर छूएंगे और उनसे पटना में कंगन घाट तक जेपी गंगा पथ के विस्तार का काम समय पर पूरा करने को कहा।

Highlights

  • सार्वजनिक कार्य में शामिल हुए नीतीश कुमार
  • IAS अधिकारी पर भड़के नीतीश कुमार
  • कृपया समय पर काम पूरा करें

IAS अधिकारी पर बरस पड़े नीतीश कुमार

बिहार क मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने JP गंगा पथ के तीसरे चरण के उद्घाटन के दौरान अधिकारी से काम में तेजी लाने का आग्रह करते हुए कहा, “मैं आपके पैर छूता हूं, कृपया समय पर काम पूरा करें।” यह राज्य में हाल ही में कई पुल ढहने की घटनाओं के बाद हुआ है, जिसके कारण सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड और विपक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। बता दें, हाल ही में, बिहार सरकार ने पुल ढहने की घटनाओं के मद्देनजर सीवान में जल संसाधन विभाग और ग्रामीण निर्माण विभाग के कई इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।

पिछले दिनों में गिरे 10 पुल

पिछले कुछ दिनों में, राज्य में कम से कम 10 पुल ढह गए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। पिछले सप्ताह बिहार के सारण जिले में एक पुल ढह गया, जो राज्य में एक पखवाड़े से अधिक समय में ऐसी 10वीं घटना है। पिछले महीने जून में राज्य भर में अररिया, सीवान, पूर्वी चंपारण, किशनगंज और मधुबनी जिलों में पांच पुल ढह गए। 22 जून को सीवान में गंडक नदी पर बना लगभग 40-45 साल पुराना पुल भी गिर गया।

उचित तकनीकी पर्यवेक्षण नहीं किया गया- नीतीश कुमार



राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विभागीय उड़नदस्ता संगठन द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई कि कार्य के क्रियान्वयन के दौरान संबंधित अभियंताओं द्वारा गंडक नदी पर बने पुल को सुरक्षित रखने के लिए एहतियाती कदम नहीं उठाए गए और उचित तकनीकी पर्यवेक्षण नहीं किया गया। इन पुलों के क्षतिग्रस्त होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग, सीवान के जिन जिम्मेदार अभियंताओं को निलंबित किया गया है, उनमें बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अमित आनंद, जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता कुमार ब्रजेश, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सहायक अभियंता राजकुमार, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सहायक अभियंता चंद्रमोहन झा, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सहायक अभियंता सिमरन आनंद नेहा रानी, ​​सहायक अभियंता, जल निस्तारण प्रमंडल; मोहम्मद मजीद, कनीय अभियंता, जल निस्तारण प्रमंडल; रवि कुमार रजनीश, कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल; रफीउल होदा अंसारी, कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल; रत्नेश गौतम, कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल; तथा प्रभात रंजन, कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य में कर्तव्यहीनता के परिणामस्वरूप ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अंजनी कुमार; वर्तमान कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार रंजन; तत्कालीन कनीय अभियंता वीरेंद्र प्रसाद; वर्तमान कनीय अभियंता मनीष कुमार को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।

(Input From ANI)

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Aastha Paswan