बिहार सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि नई बीमारी ब्लैक फंगस को राज्य सरकार ने महामारी घोषित किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) एवं एम्स, पटना के साथ-साथ कई सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री शनिवार को वॉयस मैसेज के जरिए राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि अन्य दशों की तरह बिहार के लोग भी अभी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिहार में 25 मई तक लॉकडाउन को विस्तारित किया गया है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लॉकडाउन में लोगों का सहयोग मिल रहा है और गाइडलाइन का भी पालन किया जा रहा है, इसी का नतीजा है कि मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि 25 मई के पूर्व लॉकडाउन के संबंध में हमलोग फिर से आपस में बैठकर आगे के लिए आवष्यक निर्णय लेंगे।
उन्होंने कहा, जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज से चलंत आरटीपीसीआर टेस्टिंग वैन को रवाना किया गया है, जिससे कोरोना जांच की गति और बढ़ेगी। कोरोना संक्रमण से प्रभावित आइसोलेषन में रह रहे लोगों की ट्रैकिंग कोविड नामक सॉफ्टवेयर से की जा रही है। इस व्यवस्था में स्वास्थ्य टीम द्वारा नियमित तौर पर घर-घर जाकर मरीजों के ऑक्सीजन लेवल एवं शरीर का तापमान लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, नई बीमारी ब्लैक फंगस को राज्य सरकार ने महामारी घोषित किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) एवं एम्स, पटना के साथ-साथ कई सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण दर में कमी आ रही है, लेकिन भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए हम सभी को पूरी इतरह सचेत एवं सतर्क रहना है।


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