देश के लिए अन्न और अन्नदाता दोनों ही जरूरी है। मकर संक्रांति के दिन अन्न दान का प्रावधान होता है। अन्न का दान भी तभी करेंगे जब अन्नदाता अन्न उगाएगा और वो अन्न हम तक पहुंचेगा। इसीलिए आज अन्नदाता की परेशानियों को दूर करना होगा। उनकी शंकाओं का समाधान करना होगा। उपरोक्त बातें बाबू धाम ट्रस्ट के संस्थापक और पूर्व बयूरोक्रेट अजय प्रकाश पाठक ने बोली, मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर बाबू धाम ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा मकर संक्रांति के दिन हमे ये देखना होगा कि कोई बच्चा भूखा ना रहे। हर घर अनाज पहुंचे और हर परिवार तक भोजन पहुंचे। आपको बता दें कि बाबू धाम ट्रस्ट पिछले एक दशक से गरीबों की सेवा में ततपर रहा है। तरह-तरह की योजनाओं का क्रियान्वयन कर लोगों तक मदद पहुंचना ही ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य रहा है। कार्यक्रम को आगे संबोधित करते हुए अजय प्रकाश पाठक ने अन्नदाताओं की पीड़ा पर बात की।
उन्होंने कहा आज हम अन्न भी इसलिए दान कर पा रहे है क्यों कि अन्नदाता ने खेतो में कड़ी मेहनत की है। इस देश को अन्न और अन्नदाता दोनों की आवश्यकता है। आज हमारे कुछ अन्नदाता सड़को पर आंदोलनरत है। उनकी समस्याओं को सुनकर जल्द से जल्द उसका समाधान होना चाहिए। चूंकि, हमने किसानी को बहुत नजदीक से देखा है इसलिए उस दर्द को महसूस कर सकते है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान कर देश को विकास के रास्ते पर प्रशस्त किया जाएं।


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