बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ‘भाजपा का टीका’ वाले बयान पर आपत्ति जतायी है। कुमार ने कहा कि लगता है समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह की टिप्पणी की। कुमार ने कहा कि बिहार सरकार टीका उपलब्ध हो जाने पर राज्य के लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए तमाम कदम उठा रही है।
अखिलेश यादव के विवादास्पद बयान के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, ‘‘बोलने से खबर छपती है इसलिए कुछ लोग बोलते रहते हैं। कौन क्या बोलता है मेरी उसमें दिलचस्पी नहीं है।’’ उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि पहले भाजपा नेताओं को टीके की खुराक लेनी चाहिए।
बाद में अखिलेश ने स्पष्ट किया कि उन्होंने टीका बनाने वाले किसी भी वैज्ञानिक का अपमान नहीं किया है। अखिलेश ने कहा था, ‘‘मैंने किसी भी वैज्ञानिक या टीका बनाने में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति पर सवाल नहीं खड़ा किया है। हमने सिर्फ भाजपा पर सवाल खड़ा किया है, क्योंकि इस पार्टी ने जैसे फैसले लिए हैं, उन पर जनता को भरोसा नहीं है।’’
कुमार ने कहा कि बिहार सरकार केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य के लोगों के टीकाकरण के लिए तैयारियां कर रही है और 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों या स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जनता दरबार कार्याक्रम भी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, जिसे कुछ समय पहले बंद कर दिया गया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। हम कोविड-19 की स्थिति के सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।’’


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