पटना : जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने अपने फेसबुक लाइव कार्यक्रम “जन की बात” के दौरान कहा कि, “बिहार में सिर्फ सोमवार को ही 68 कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सरकारी अस्पतालों में केवल 583 और निजी अस्पतालों में 960 आईसीयू बेड हैं। 292 वेंटिलेटर सरकारी अस्पताल में है और 480 वेंटिलेटर निजी अस्पतालों में हैं जो कि 12 करोड़ की आबादी वाले राज्य के लिए पर्याप्त नहीं है। राज्य सरकार अभी तक पूरा इंतजाम नहीं कर पाई है।”
यादव ने आगे कहा कि, “महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि वे अपने यहां फंसे मजदूरों और छात्रों को भेजने के लिए तैयार हैं। लेकिन नीतीश कुमार बार-बार लॉकडाउन का ही राग अलाप रहे हैं। उन्हें एक महीने से ज्यादा समय से फंसे गरीब मजदूरों और छात्रों की कोई चिंता नहीं है।”
रैपिड टेस्टिंग किट में हुए अनियमितता का जिक्र करते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि, “इस महामारी के समय में भी घोटाले जारी है। आईसीएमआर ने कई गुना ज्यादा कीमत पर टेस्टिंग किट खरीदें। इसकी जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा होनी चाहिए।”
पप्पू यादव ने पीएम केयर्स फंड पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “जब पीएम राहत कोष पहले से था तो फिर एक नए फंड की स्थापना क्यों की गई। इस फंड में कितने पैसे आए किसी को नहीं पता। इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है।”


Download Android App
Download iOS App



