बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को विपक्षी दलों के महागठबंधन द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जमकर हंगामा हुआ। सीट बंटवारे से असंतुष्ट विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर चले गए। इसके बाद उसके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
मुकेश सहनी ने कहा, “मेरी पीठ में खंजर घोंपा गया है। मुझे 20 से 25 सीटें देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यहां धोखा दिया गया है।”उन्होंने महागठबंधन छोड़ने की घोषणा करते हुए प्रेस कांफ्रेंस से बाहर हो गए।
इससे पहले, राजद नेता तेजस्वी ने सीट बंटवारे की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल के हिस्से 144 सीटें हैं, जिनमें से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को भी सीटें दी जाएंगी। इसके अलावा कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने महागठबंधन को एक मजबूत विकल्प बताते हुए कहा, “हमलोगों ने साथ आकर एक मजबूत विकल्प रखा है। हम कांग्रेस और वामपंथी दलों के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताते हैं।अगर यहां के लोग मौका देंगे तो हम सभी वादे पूरा करेंगे। बिहार को तरक्की के रास्ते पर ले जाएंगे।”
तेजस्वी ने कहा कि राजद के हिस्से में 144 सीटें आई हैं। उन्होंने बताया कि वीआईपी और झामुमो के नेताओं से बात हो रही है, राजद के हिस्से की सीट से उन्हें सीट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 70 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा, वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उपचुनाव में भी महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाएगा। उन्होंने बताया कि भाकपा (माले) के हिस्से में 19 सीटें आई हैं, जबकि माकपा को 4 और भाकपा को 6 सीटें दी गई हैं।
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इस संवाददाता सम्मेलन में राजद के तेजस्वी यादव, सांसद मनोज झा, तेजप्रताप यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अविनाश पांडेय, सदानंद सिंह, वीआईपी के मुकेश सहनी और वामपंथी दलों के कई नेता मौजूद रहे।
उल्लखनीय है कि इससे पहले राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) और हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) भी महागठबंधन के घटक दलों में शामिल थे, लेकिन अब वे महागठबंधन छोड़ चुके हैं।


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