राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) के राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध करने की घोषणा पर विपक्ष जद (यू) को आड़े हाथों ले रही है। विपक्ष के नेता शिवानंद तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने अपने अंदाज में सोमवार को कहा कि नीतीश की राजनीति ‘गुड़ खाए, गुलगुला से परहेज’ की शुरू से रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए भाजपा के साथ रहेंगे और विभिन्न मुद्दों को लेकर दिखावे के लिए उसका विरोध भी करेंगे। राजद नेता ने कहा कि नीतीश के अब तक राजनीतिक इतिहास को देखकर यह कहा जा सकता है कि वह सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे।
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि नीतीश जान चुके हैं कि भाजपा के साथ रहेंगे तो न केवल लोकसभा चुनाव में बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा, इस कारण अब वह उनके कई मुद्दों पर विरोध करने का नाटक कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जनता सब कुछ देख रही है।
जदयू राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करेगी : के. सी. त्यागी
इधर, जद (यू) के नेता ने इस फैसले को लेकर सफाई देते हुए कहा कि सभी दलों की अपनी-अपनी विचारधारा होती है। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सभी दलों की अलग-अलग विचारधारा होती है लेकिन एक न्यूनतम कार्यक्रम के अनुसार सरकार चलाई जाती है।
उन्होंने कहा कि जद (यू) कई मुद्दों पर भाजपा से अलग है। उल्लेखनीय है कि जद (यू) के अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां रविवार को जद (यू) के वरिष्ठ पदाधिकारियों की हुई बैठक में राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने की घोषणा की गई है।
बैठक के बाद संवाददताओं से चर्चा करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता क़े सी़ त्यागी ने बताया, ‘समाजवादी आंदोलन की विरासत का सवाल है, चाहे वह धारा 377 हो, यूनिफार्म सिविल कोड हो या रामजन्म भूमि विवाद हो। पार्टी अपने पुराने स्टैंड पर कायम है। जद (यू) राज्यसभा में असम नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करेगी।’


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