Who is Vijay Chaudhary: बिहार में नीतीश कुमार के बाद तेजी से नए घटनाक्रम बदले हैं. नए चेहरे अब सत्ता की बागडोर संभाल रहे हैं. बुधवार, 15 अप्रैल को सीएम सम्राट चौधरी समेत 2 डिप्टी सीएम भी शपथ ली. बिहार अब नए युग में प्रवेष कर चुका है जहां नए चेहरों को उच्च पदों पर काम करते हुए देखना है.
हर जगह सम्राट चौधरी की चर्चा चल रही है, मगर ऐसा नाम जो सबसे ज्यादा दिलचस्प तरीके से सीढ़ी दर सीढ़ी पायदान चढ़ता रहा वह नाम है विजय कुमार चौधरी, जो नए बनाए 2 डिप्टी सीएम में से एक हैं. उनकी कहानी कम दिलचस्प नहीं. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की नौकरी छोड़ वे सियासत की जमीन पर जमने आए. लेकिन बहुत कम जानते हैं कि उन्होंने अपनी यह जमीन कांग्रेस पार्टी में सियासत करने से शुरू की, जिसके बाद पैदा हुए मतभेदों के चलते वे जनता दल यूनाइटेड में चले गए.
बिहार के समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में विजय कुमार चौधरी का जन्म हुआ था. समस्तीपुर से आने वाले विजय कुमार चौधरी ने पटना विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्टेट बैंक आफ इंडिया में पीओ के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की. हालांकि उनका मन सरकारी नौकरी में कम लगा. जिसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया.
Who is Vijay Chaudhary: पिता थे दिग्गज नेता

विजय कुमार चौधरी पर 1982 में पिता और तत्कालीन विधायक जगदीश प्रसाद चौधरी के निधन के बाद राजनीतिक विरासत को संभालने का दबाव बढ़ा. यही कारण भी था कि उन्होंने बैंक की नौकरी को छोड़कर राजनीति की राह चुनी. और कांग्रेस का दामन थामा. पहली बार उन्होंने दलसिंहसराय सीट से चुनाव जीतकर अपनी पहचान बनाई. वह इस सीट पर लगातार तीन बार विजयी भी हुए.
कांग्रेस से जेडीयू
जगदीश कुमार चौधरी की गिनती कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं में होती थी. अपनी शुरुआत भले उन्होंने कांग्रेस से की मगर अपनी सोच वह जेडीयू से जोड़ कर रखते थे. साल 2005 में वह जेडीयू में शामिल हो गए.
पहले वह पार्टी के प्रवक्ता बने. फिर उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. वह जेडीयू में नीतीश कुमार के थिंक टैंक के रूप में माने जाने लगे. उनकी छवि शांत छवि और नीतीश कुमार के करीबियों में होने लगी.
कई जिम्मेदारियों को संभाला
2010 में जनता दल यूनाइटेड की टिकट पर पहली बार विजय कुमार चौधरी ने सराय रंजन सीट से जीत दर्ज की. इसके बाद से वह लगातार इस सीट से चुनाव जीते रहे.
उन्होंने नीतीश कुमार के साथ रह कर वित्त, कृषि, ग्रामीण और शिक्षा मंत्रालय जैसे अहम विभाग संभाले. यहां तक कि वे स्पीकर भी रहे. अब यह उनके लिए अगली उपलब्धि का हिस्सा है कि राज्य में उपमुख्यमंत्री के पद पर पहुंचे हैं.
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