पूजा भट्ट ने ‘खतरे में डाली’ NCB के मुखबिर की जान? मामला बढ़ता देख एक्ट्रेस ने दी सफाई

Summary :

बॉलीवुड एक्ट्रेस और निर्देशक पूजा भट्ट अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। पूजा अक्सर सोशल मीडिया के जरिए किसी न किसी मुद्दे पर ऐसा कुछ लिख देती हैं जिसे लेकर चर्चा शुरू हो जाती है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस और निर्देशक पूजा भट्ट अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। पूजा अक्सर सोशल मीडिया के जरिए किसी न किसी मुद्दे पर ऐसा कुछ लिख देती हैं जिसे लेकर चर्चा शुरू हो जाती है। अब हाल ही में पूजा भट्ट, आर्यन ख़ान के केस को लेकर चर्चा में हैं। 
अब ऐक्‍ट्रेस पूजा भट्ट पर नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो के मुख‍बिर की जान खतरे में डालने का आरोप लग गया है। ऐक्‍ट्रेस ने अब ट्विटर पर न सिर्फ इसको लेकर सफाई दी है, बल्‍क‍ि उल्‍टा आरोप लगाने वालों पर ही पलटवार किया है।
दरअसल, आर्यन के गिरफ्तार होने के बाद उनके साथ सेल्फी लेते हुए एक शख्स की फोटो काफी वायरल हुई थी कहा जा रहा था कि ये एनसीबी की टीम का ही कोई मेंबर है। लेकिन बाद में एनसीबी ने ये साफ कर दिया उनका इस शख्स से कोई लेनादेना नहीं। इसके बाद इंटरनेट पर ये चर्चा शुरू हो गई कि ये यही वो मुखबिर है जिसने एनसीबी को क्रूज़ पर रेव पार्टी की जानकारी दी थी। इसक फोटो के वायरल होने के बाद पूजा ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने प्राइवेट डिटेक्टिव का जिक्र किया था।
पूजा के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पत्रकार ने इस पर आपत्ति जताई थी और शख्स की जान खतरे में डालने का आरोप लगाय था। पूजा भट्ट ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मैंने उनका नाम नहीं लिया, यदि आप सच में ‘देखेंगे’ और ‘पढ़ेंगे’ तो समझेंगे। उस इंसान से कहिए कि वह खुद प्रताप दिखाने वाले सेल्‍फी न ले और न ही उसे लीक करे, जिससे क‍ि वह वायरल हो जाए। बुद्ध‍ि से हमेशा वीरता का बेहतर हिस्‍सा है, है ना?’
पूजा भट्ट ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मैंने उनका नाम नहीं लिया, यदि आप सच में ‘देखेंगे’ और ‘पढ़ेंगे’ तो समझेंगे। उस इंसान से कहिए कि वह खुद प्रताप दिखाने वाले सेल्‍फी न ले और न ही उसे लीक करे, जिससे क‍ि वह वायरल हो जाए। बुद्ध‍ि से हमेशा वीरता का बेहतर हिस्‍सा है, है ना?’
पूजा भट्ट ने इससे पहले अपने एक ट्वीट में लिखा था, ‘और फिर हमारे पास वो हैं, जो सबसे बॉलीवुड फिल्मों में ‘प्राइवेट जासूस’ के रूप में कास्ट नहीं हुए। फैक्‍ट्स कल्पना की तुलना में अजनबी की तरह होते हैं और क्‍ल‍िशे से भरे होते हैं। समय आ गया कि ‘एक बॉलीवुड खलनायक की तरह दिखता है’ यह कहने की बजाय ‘एक सरकारी एजेंसी द्वारा आउटसोर्स किए गए एक प्राइवेट जासूस की तरह’ दिखता है कहा जाए।’

Desk Team