Prem Chopra Interview: हिंदी सिनेमा का इतिहास सिर्फ फिल्मों का नहीं, बल्कि बदलते दौर, टूटते-गिरते सितारों और नए सुपरस्टार्स के राइज की कहानी भी है। कभी जिस इंडस्ट्री पर एक ही नाम का राज चलता था, वहीं समय ने करवट ली और पूरी फिल्म दुनिया की तस्वीर बदल गई। यह वही दौर था जब एक तरफ राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगी, तो दूसरी तरफ अमिताभ बच्चन ने अपने दमदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में नई जगह बना ली।
तो आइए जानते हैं कि आखिर कैसे उस दौर में हिंदी सिनेमा ने एक बड़ा बदलाव देखा, जहां पुराने सुपरस्टार्स की चमक कम होने लगी और नए सितारों ने अपनी दमदार पहचान बनानी शुरू की।
Prem Chopra Interview: “एक दौर के सुपरस्टार थे राजेश खन्ना, फिर बदल गया समय”

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर Prem Chopra ने हाल ही में एक इंटरव्यू में उस दौर की सच्चाई एक्सपोज़ की, जब Rajesh Khanna हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार माने जाते थे। उन्होंने बताया कि 1970 के डिकेड की शुरुआत में राजेश खन्ना का स्टारडम एक्सट्रीम था, लेकिन जैसे-जैसे इंडस्ट्री में नए चेहरे आए, उनका जादू धीरे-धीरे कम होने लगा। प्रेम चोपड़ा के मुताबिक, राजेश खन्ना अपने करियर में आए इस बदलाव को एक्सेप्ट नहीं कर पाए और यही उनके लिए सबसे बड़ा मानसिक दबाव बन गया।
Rajesh Khanna’s Downfall: “अमिताभ बच्चन की एंट्री ने बदल दिया पूरा खेल”

इसी दौरान बॉलीवुड में Amitabh Bachchan का राइज हुआ, जिन्हें “एंग्री यंग मैन” के रूप में दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया। प्रेम चोपड़ा ने बताया कि अमिताभ बच्चन की पर्सनैलिटी, गंभीर रोल और अलग तरह की फिल्मों ने दर्शकों की पसंद को पूरी तरह बदल दिया। धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री का फोकस बदल गया और नए दौर की फिल्मों में अमिताभ बच्चन का दबदबा बढ़ने लगा, जिससे पुराने सुपरस्टार्स के लिए जगह कम होती गई।
Amitabh vs Rajesh Khanna: “राजेश खन्ना टूट गए थे, शराब की ओर बढ़ा झुकाव”

प्रेम चोपड़ा ने यह भी दावा किया कि स्टारडम गिरने के बाद राजेश खन्ना इस बदलाव को सहन नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि करियर में आई गिरावट और लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद खन्ना मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। इसी दौर में उन्होंने भारी तनाव का सामना किया और उनकी लाइफस्टाइल पर भी असर पड़ा। बताया जाता है कि वे उस समय अकेलेपन और दबाव से जूझ रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने फिल्मों और राजनीति दोनों में कुछ नई कोशिशें भी कीं, लेकिन पहले जैसा स्टारडम वापस नहीं आ सका।
Rajesh Khanna life Story: बॉलीवुड का बदला दौर

यह पूरा दौर हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट था, जहां पुराने सुपरस्टार्स की जगह नए चेहरों ने ले ली और दर्शकों की पसंद भी पूरी तरह बदल गई।
इसी बदलाव के साथ फिल्मों की कहानियां भी बदलने लगीं- जहां पहले रोमांस और पारिवारिक फिल्मों का बोलबाला था, वहीं अब एक्शन, इमोशन और रियलिस्टिक सिनेमा को ज्यादा पसंद किया जाने लगा। इंडस्ट्री में यह बदलाव सिर्फ कलाकारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स ने भी नई सोच के साथ फिल्में बनानी शुरू कर दीं।
कहा जाता है कि यही वो दौर था जब बॉलीवुड ने “स्टार सिस्टम” से आगे बढ़कर “कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा” की ओर पहला कदम रखा, जिसने आगे चलकर पूरी फिल्म इंडस्ट्री की दिशा बदल दी। इस बदलाव ने जहां नए सितारों को मौका दिया, वहीं कई पुराने सुपरस्टार्स के करियर पर भी इसका गहरा असर पड़ा, जो लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में अपनी पुरानी छवि को बनाए रखने की कोशिश करते रहे।






















