Ram Gopal Varma Reviews Satluj: बैन के बीच ‘सतलुज’ के सपोर्ट में उतरे राम गोपाल वर्मा, बोले— “यह फिल्म है, कोई मुजरिम नहीं जिसका एनकाउंटर हो!”

Summary :

दिलजीत दोसांझ की मच-अवेटेड और विवादित फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर इस समय देश के सिनेमाई और राजनीतिक गलियारों में भारी घमासान मचा हुआ है। सेंसर बोर्ड की लंबी कैंची और 120 से ज्यादा कट्स के बाद यह फिल्म जैसे-तैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज तो हुई, लेकिन महज 48 घंटों के भीतर ही सरकार के दखल और ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला देते हुए इसे भारत में बैन कर दिया गया। इस अचानक लगे बैन ने जहां दर्शकों को हैरान कर दिया है, वहीं अब इस पूरे विवाद में बॉलीवुड के सबसे बेबाक और कल्ट फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV)…

दिलजीत दोसांझ की मच-अवेटेड और विवादित फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर इस समय देश के सिनेमाई और राजनीतिक गलियारों में भारी घमासान मचा हुआ है। सेंसर बोर्ड की लंबी कैंची और 120 से ज्यादा कट्स के बाद यह फिल्म जैसे-तैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज तो हुई, लेकिन महज 48 घंटों के भीतर ही सरकार के दखल और ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला देते हुए इसे भारत में बैन कर दिया गया।

इस अचानक लगे बैन ने जहां दर्शकों को हैरान कर दिया है, वहीं अब इस पूरे विवाद में बॉलीवुड के सबसे बेबाक और कल्ट फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) की एंट्री हो गई है।

फिल्म का एनकाउंटर बंद करो: RGV

Ram Gopal Varma support satluj
Ram Gopal Varma support satluj( Source: Social Media)

हमेशा अपने तीखे और बेबाक बयानों के लिए जाने जाने वाले राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर ‘सतलुज’ का एक रिव्यू शेयर करते हुए फिल्म के बैन पर गहरा रोष जताया है। व्यवस्था (System) पर सीधा तंज कसते हुए आरजीवी ने लिखा: “यह फिल्म देखी जानी चाहिए, इसका एनकाउंटर न करें! यह एक सिनेमाई कलाकृति है, कोई मुजरिम नहीं जिसे बिना सुनवाई के मार दिया जाए।” RGV का यह बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। फिल्म जगत में उनके इस स्टैंड को अभिव्यक्ति की आजादी (Freedom of Expression) के समर्थन में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आखिर क्यों निशाने पर है ‘सतलुज’?

Satluj film controversy
Satluj film controversy( Source: Social Media)

जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि ‘सतलुज‘ (जिसे पहले ‘पंजाब 95’ के नाम से जाना जा रहा था) पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और 90 के दशक में पंजाब में हुए कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा का मुख्य किरदार निभाया है, जबकि अर्जुन रामपाल भी एक बेहद अहम रोल में हैं।

फिल्म की कहानी व्यवस्था और पुलिस प्रणाली की कमियों को उजागर करती है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना है कि इस फिल्म की सामग्री का ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतें’ गलत फायदा उठा सकती हैं, जिसके कारण इसे ZEE5 से हटा दिया गया।

दिलजीत ने भी तोड़ी चुप्पी, इंटरनेट पर ‘लीक’ हुई फिल्म

 

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फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटने के बाद खुद दिलजीत दोसांझ ने भी एक सीक्रेट लाइव में कहा था कि उन्हें इस बैन का अंदाजा पहले से था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जो चीज एक बार ऑनलाइन आ जाती है, उसे कभी मिटाया नहीं जा सकता।”

दिलचस्प बात यह है कि भारत में आधिकारिक तौर पर बैन होने के बावजूद, ‘सतलुज’ कई पायरेसी साइट्स और टेलीग्राम पर धड़ल्ले से लीक हो चुकी है। इंटरनेट पर लोग इसे ‘गुरिल्ला रिलीज’ का नाम दे रहे हैं और फिल्म को मिल रहे रिस्पॉन्स को देखकर यह साफ है कि लोग इस सच को देखना चाहते हैं।

सिनेमा बनाम सेंसरशिप की नई जंग

Jaswant Singh Khalra
Jaswant Singh Khalra( Source: Social Media)

राम गोपाल वर्मा के इस ट्वीट ने एक बार फिर भारत में ‘सेंसरशिप’ और ‘सिनेमाई आजादी’ की बहस को जिंदा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या सिख संगठनों और फिल्मी हस्तियों के बढ़ते विरोध के बाद ‘सतलुज’ को भारत में दोबारा रिलीज होने का मौका मिलता है, या यह फिल्म सिर्फ विवादों की भेंट चढ़कर रह जाएगी।

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Anjali Dahiya

अंजलि दहिया पिछले 3 वर्षों से एक पैशनेट लाइफस्टाइल और बॉलीवुड कंटेंट राइटर हैं, जिनकी बीट लाइफस्टाइल, बॉलीवुड, ज्वेलरी, और फैशन है। वे सेलिब्रिटी न्यूज़, फिल्म फ़ीचर्स, फ़ैशन, वेलनेस और पॉप कल्चर से जुड़ी कहानियों में भी माहिर है, जो एंटरटेनमेंट को रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जोड़ती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ कम्यूनिकेशन व कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट का डिप्लोमा की पढ़ाई की है।