साल 2018 में आई सोहम शाह की ‘तुम्बाड’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसी कल्ट क्लासिक फिल्म है, जिसने डार्क फैंटेसी और हॉरर की परिभाषा बदल दी। इस फिल्म की USP इसका मिट्टी से जुड़ा होना, रॉ स्टारकास्ट और स्टारडम की चकाचौंध से दूर रहना था। लेकिन जैसे ही मेकर्स ने आधिकारिक घोषणा की है कि Tumbbad 2 में बॉलीवुड की सबसे बड़ी कमर्शियल स्टार आलिया भट्ट की एंट्री हो चुकी है, सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
क्या आलिया भट्ट की एंट्री इस कल्ट फ्रेंचाइजी का खेल बिगाड़ देगी?

‘तुम्बाड’ की आत्मा इसके रियलिज्म और लोककथा के माहौल में बसती है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही फैंस सोशल मीडिया पर मेकर्स के इस फैसले की धज्जियां उड़ा रहे हैं। फैंस के नाराज होने की मुख्य वजह ‘बॉलीवुडिया कमर्शियलाइजेशन’ का डर है। फैंस को डर है कि आलिया भट्ट जैसी ग्लैमरस एक्ट्रेस को शामिल करने से फिल्म का डार्क, रॉ और गंभीर टोन पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। क्या हस्तर की गुफाओं में भी अब कोई रोमांटिक एंगल या बॉलीवुड स्टाइल का मेलोड्रामा देखने को मिलेगा?
सोशल मीडिया (X और इंस्टाग्राम) पर नेटिजन्स का कहना है कि बॉलीवुड के बड़े मेकर्स हर अच्छी और कल्ट फिल्म पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। एक यूजर ने लिखा, “तुम्बाड को ‘ब्रह्मास्त्र’ या ‘कपूर खानदान’ की पीआर मशीनरी मत बनाओ।”
नवाजुद्दीन और सोहम शाह के बीच मिसफिट? फिल्म में पहले से ही नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सोहम शाह जैसे मंझे हुए कलाकार हैं। दर्शकों का मानना है कि आलिया भट्ट का स्क्रीन प्रेजेंस इस गंभीर और रियलिस्टिक कास्टिंग के साथ बिल्कुल ‘मिसफिट’ (मेल न खाने वाला) साबित होगा।
क्या ‘हस्तर’ के खौफ से बड़ा होगा आलिया का स्टारडम?

“तुम्बाड की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि उसमें कोई बड़ा स्टार नहीं था, सिर्फ किरदार थे। आलिया भट्ट को लाकर मेकर्स ने फिल्म की मौलिकता के साथ समझौता कर लिया है।” एक फैन की सोशल मीडिया पोस्ट: ‘तुम्बाड 2’ के डायरेक्टर आदेश प्रसाद और निर्माता डॉ. जयंतीलाल गडा भले ही इसे एक ‘बड़ा दांव’ मान रहे हों, लेकिन इतिहास गवाह है कि जब-जब कल्ट और रियलिस्टिक फिल्मों में जबरन कमर्शियल स्टार्स को ठूंसा गया है, फिल्में औंधे मुंह गिरी हैं।
फैंस का मानना है कि आलिया की एंट्री से स्क्रीन टाइम का संतुलन बिगड़ेगा और पूरी कहानी सिर्फ उनके किरदार के इर्द-गिर्द घुमाने की कोशिश की जा सकती है, जिससे ‘हस्तर’ और ‘प्रलय’ का जो मूल रोमांच है, वह फीका पड़ जाएगा।
क्या मेकर्स से हो गई बड़ी चूक?

हालांकि आलिया भट्ट ने कहा है कि वह ‘तुम्बाड’ की दुनिया से हमेशा प्रभावित रही हैं, लेकिन दर्शकों को सिनेमाघरों में ‘गंगूबाई’ या ‘अल्फा’ वाली आलिया नहीं, बल्कि तुम्बाड के क्रूर और रहस्यमयी माहौल में रचने-बसने वाला किरदार चाहिए।
अब देखना यह है कि 3 दिसंबर 2027 को रिलीज होने वाली यह फिल्म फैंस के इस डर को सच साबित करती है या आलिया अपनी एक्टिंग से आलोचकों का मुंह बंद कर पाती हैं। फिलहाल के लिए, इस कास्टिंग ने ‘तुम्बाड 2’ के प्रति फैंस के उत्साह को तगड़ा झटका जरूर दे दिया है।





















