आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। निर्देशक राजकुमार संतोषी की यह फिल्म भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद की इमोशनल कहानी पर बेस्ड है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को लेकर जिस तरीके के कलेक्शन की उम्मीद मेकर्स ने लगाई थी, ये उसपर खरा उतरती हुई दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि इसके पीछे की वजह क्या है, चलिए आज हम आपको बताते हैं?
Why Batwara 1947 failing To Generate Box Office Revenue: Box Office पर क्यों कमाई नहीं कर पा रही ‘बंटवारा 1947’

दरअसल अगर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की बात करें तो इस फिल्म में सनी देओल ने जो किरदार निभाया है, वो उनकी पहले की बाकी फिल्मों में उनके निभाए गए किरदार से बिल्कुल अलग है। इस फिल्म में सनी देओल एक ऐसे मुस्लिम परिवार के सदस्य बने हैं, जो कि 1947 में हुए बंटवारे के बाद पाकिस्तान जाकर रहने लगता है। लेकिन उनके घर में एक हिंदु महिला पहले से रहती है, जिसकी प्रोटेक्शन करने के लिए वो पाकिस्तान के मुस्लिमों से लड़ाई करते हैं।
लेकिन अगर असल जिंदगी में देखा जाए तो फिल्म में दिखाई गई हर एक चीज का रिएलिटी से कुछ भी लेना देना नहीं हैं। क्योंकि हर कोई जानता है कि असल में पाकिस्तान के हालात कैसे हैं? अगर इस फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इसने रिलीज के 5 दिनों में सिर्फ 50 करोड़ का आंकड़ा ही पार किया है, जबकि इसके साथ रिलीज़ हुई आवारापन 2 ने 130 करोड़ का कारोबार कर लिया है।

इससे पहले सनी देओल जो भी फिल्में करते थे जैसे कि गदर, बॉर्डर और मां तुझे सलाम उनमें वो इंडिया की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ लड़ते हुए दिखाई देते थे। लेकिन अचानक से पाकिस्तानियों के लिए ऐसी हमदर्दी का आना वाकई में लोगों को पसंद नहीं आ रहा है और यही वजह है कि इसका असर बॉक्स ऑफिस पर भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ अलग-अलग शहरों का दौरा भी कर रहे थे। ऐसे में दौरे के दौरान दोनों हाल ही में पटना पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
पाकिस्तान पर कमेंट करने से किया इनकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सनी देओल से पाकिस्तान से जुड़े सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने इस बात पर राजनीतिक कमेंट करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका काम कहानियां सुनाना है, राजनीति करना नहीं। सनी ने कहा कि, “हम कलाकार हैं और फिल्मों के माध्यम से कहानियां लोगों तक पहुंचाते हैं। हमारी कोशिश होती है कि उन कहानियों को राजनीतिक रंग न दिया जाए। इसलिए मैं पाकिस्तान जैसे राजनीतिक सबजैक्ट पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता।”
फिल्म की शूटिंग पर भी दी जानकारी

इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या फिल्म की शूटिंग पाकिस्तान में भी की गई है, तो सनी देओल ने साफ किया कि पूरी फिल्म भारत में ही शूट की गई है। उन्होंने कहा कि फिल्म का मकसद किसी देश या सीमा की राजनीति नहीं, बल्कि उस दौर के इमोशन्स और इंसानी रिश्तों को दिखाना है। उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के पुरानी सोच का जिक्र करते हुए ये भी कहा कि, “पापा कहा करते थे कि भारत मेरी मां है और पाकिस्तान मेरी मौसी। दोनों देशों के लोगों की जड़ें कहीं न कहीं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।”
इस स्टेटमेंट के वायरल होने के बाद से ही कई लोगों को ये लगने लगा था कि सनी देओल पाकिस्तानी मुसलमानों को अच्छा दिखाने के चक्कर में भारत और पाकिस्तान को एक बता रहे हैं। क्योंकि उनकी पहले की फिल्मों में कभी भी उनकी ओर से पाकिस्तान के लिए इतनी हमदर्दी देखने को नहीं मिली थी।
प्रीति जिंटा की होगी बड़े पर्दे पर वापसी

हालांकि अगर उनकी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर बात करें तो इस फिल्म के जरिए प्रीति जिंटा लंबे समय बाद बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं। उनके अलावा शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ऐसे में बंटवारे की कहानी पर बनी यह फिल्म आने वाले समय में कमयाब हो पाएगी या नहीं, यो तो वक्त ही बताएगा।



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