अदाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड का तीसरी तिमाही में मुनाफा 346 प्रतिशत बढ़ा, बिक्री उच्चतम स्तर पर पहुंची

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अहमदाबाद, 28 जनवरी (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप की प्रमुख सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट यानी कर के बाद शुद्ध मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 346 प्रतिशत बढ़कर 380 करोड़ रुपए हो गया। इसी के साथ कंपनी की तिमाही आय 6,483 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22 प्रतिशत ज्यादा है। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसने 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा सीमेंट बिक्री भी दर्ज की। एसीसी का कुल सीमेंट उत्पादन 11.3 मिलियन…

अहमदाबाद, 28 जनवरी (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप की प्रमुख सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट यानी कर के बाद शुद्ध मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 346 प्रतिशत बढ़कर 380 करोड़ रुपए हो गया। इसी के साथ कंपनी की तिमाही आय 6,483 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22 प्रतिशत ज्यादा है।

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसने 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा सीमेंट बिक्री भी दर्ज की। एसीसी का कुल सीमेंट उत्पादन 11.3 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

एसीसी लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ विनोद बहेटी ने कहा कि कंपनी ने एक और मजबूत तिमाही के साथ अपनी ग्रोथ को बनाए रखा है।

उन्होंने बताया कि प्रीमियम सीमेंट और ट्रेड सेगमेंट में अच्छी बिक्री, साथ ही रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) कारोबार के विस्तार से कंपनी को उद्योग की अन्य कंपनियों की तुलना में बेहतर दाम मिले और बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत हुई।

कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में किए गए बड़े बदलावों में सबसे अहम एसीसी लिमिटेड का अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड में विलय है।

इससे एक साझा ‘वन सीमेंट प्लेटफॉर्म’ बनेगा, जो कंपनी की ग्रोथ को तेज करेगा, कामकाज को ज्यादा बेहतर बनाएगा, खर्च कम करेगा और लंबे समय में कंपनी की मजबूती बढ़ाएगा।

विनोद बहेटी ने कहा कि सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां मिलने के बाद यह एकीकरण खरीद, निर्माण और वितरण के क्षेत्रों में बेहतर तालमेल लाएगा।

नवंबर 2025 से नए श्रम कानून (लेबर कोड) लागू होने के बाद एसीसी ने 50 करोड़ रुपए को अतिरिक्त खर्च के रूप में दर्ज किया है। यह रकम कर्मचारियों के ग्रेच्युटी और छुट्टी के भुगतान से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए है।

एसीसी ने बताया कि वह अपनी मूल कंपनी के साथ मिलकर खर्च कम करने पर लगातार काम कर रही है।

कंपनी का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2028 तक प्रति टन लागत 3,650 रुपए तक लाई जाए, जो ‘वन सीमेंट प्लेटफॉर्म’ के तहत हासिल किया जाएगा।

कंपनी ने कहा कि सलाई बनवा (2.4 मिलियन टन प्रति वर्ष) और कलंबोली (1.0 मिलियन टन प्रति वर्ष) में सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट्स वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में शुरू होने की राह पर हैं।

विनोद बहेटी ने आगे बताया कि कंपनी का प्रीमियम सीमेंट पोर्टफोलियो, खासकर एसीसी गोल्ड, बेहतर मुनाफा दे रहा है। साथ ही ट्रेड और प्रीमियम सीमेंट की बढ़ती हिस्सेदारी से आगे भी कंपनी को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने ग्राहकों, एक लाख से ज्यादा डीलर और रिटेलर, और सात लाख से अधिक मिस्त्री और ठेकेदारों का धन्यवाद किया, जो अदाणी सीमेंट परिवार की ताकत हैं।

इसके अलावा, कंपनी के कंक्रीट कारोबार में भी विस्तार हुआ है। पिछले एक साल में 14 नए प्लांट जोड़े गए हैं। अब एसीसी के कुल 117 प्लांट, देश के 45 शहरों में काम कर रहे हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी/एबीएस

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