नई दिल्ली : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग को निर्देश दिया कि वह आयकर कानून के विशेष प्रावधानों के तहत बकाया कर की वसूली को स्टार्टअप्स के खिलाफ ‘जबरिया’ कार्रवाई न करे। यह कदम इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि हालिया समय में स्टार्टअप्स ने सरकार से एंजल कर प्रावधान को लेकर चिंता जताई है।
उनका मानना है कि यह प्रावधान उनके अनुकूल नहीं है। सीबीडीटी ने विभाग के सभी फील्ड कार्यालयों को जारी सर्कुलर में कहा कि हाल के समय में यह संज्ञान में आया है कि स्टार्टअप्स के मामले में आयकर कानून के विशेष प्रावधान (शेयरों का उचित बाजार मूल्य निकालना) को लागू किया जा रहा है। जबकि इन स्टार्टअप्स ने अपने विचार के आधार पर सही तरीके से निवेश जुटाया है। सर्कुलर में आकलन अधिकारियों से कहा गया है कि वे बकाया कर की वसूली के लिए जबरिया कार्रवाई नहीं करें।
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