Chhattisgarh Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितीकरण के मुद्दे पर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को न केवल विपक्ष, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी घेर लिया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने अंततः सदन से वॉकआउट कर दिया।
सत्ता पक्ष के विधायक सुनील सोनी, राजेश मूणत और रोहित साहू ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। राजेश मूणत ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद कई स्कूलों की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें स्वयं स्कूलों में दरी तक उपलब्ध करानी पड़ी, लेकिन शिकायत के बावजूद अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे। इस पर शिक्षा मंत्री ने जांच कराने का आश्वासन दिया। आसंदी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए 30 मार्च तक सभी स्कूलों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
खाली भवनों का उपयोग स्मार्ट स्कूल और लैब में हुआ
विधायक सुनील सोनी ने पूछा कि युक्तियुक्तकरण के तहत कितनी शालाएं प्रभावित हुईं और खाली हुए भवनों का क्या उपयोग किया जा रहा है। मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि पिछले एक वर्ष में प्रदेशभर में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इनमें से 10,372 भवनों का उपयोग स्मार्ट स्कूल और लैब के रूप में किया जा रहा है, जबकि 166 भवन अभी भी उपयोग में नहीं लाए गए हैं।
स्कूलों की जर्जर स्थिति पर मंत्री ने दी जांच और नवीनीकरण की बात
स्कूलों की जर्जर स्थिति को लेकर भी सवाल उठे। इस पर मंत्री ने कहा कि जहां आवश्यकता होगी, वहां जांच कराकर नवीनीकरण कराया जाएगा। विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस दिशा में क्या ठोस योजना बनाई गई है। मंत्री ने जवाब दिया कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ही युक्तियुक्तकरण किया गया है।
रायपुर जिले के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि 389 स्कूलों में से 385 का युक्तियुक्तकरण किया जा चुका है, जबकि 4 स्कूल खाली हैं। साथ ही, नए शैक्षणिक सत्र से 150 नए स्कूल शुरू किए जाएंगे, जो स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद मॉडल पर आधारित होंगे। इसी दौरान विपक्ष ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितीकरण का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। विपक्ष ने केंद्र सरकार की गारंटी का हवाला देते हुए वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि ढाई साल बाद भी नियमितीकरण नहीं हुआ है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर विरोध दर्ज कराया।
रिपोर्ट- आनंद खरे
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